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आखिरी सफर: बाय-बाय मीटरगेज

आखिरी सफर: बाय-बाय मीटरगेज

127 साल पुराने मैलानी-पीलीभीत रेलखंड पर बुधवार को अंतिम ट्रेन रवाना हुई। मैलानी से दोपहर एक बजकर 30 मिनट पर 52208 पीलीभीत के लिए रवाना हुई। ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर गार्ड ने रवाना किया तो लोगों ने ट्रेन में बैठे मुसाफिरों को हाथ हिलाकर विदाई दी। इसी के साथ इस रूट पर छोटी लाइन की ट्रेनें एक इतिहास बन गईं।बुधवार की दोपहर मैलानी जंक्शन का नजारा अलग था। स्टेशन पर आज एक ऐतिहासिक कहानी लिखी जानी थी। दोपहर के डेढ़ बजे यहां से आखिरी ट्रेन रवाना हुई। मैलानी जंक्शन पर इसके लिए ट्रेन 52208 को सजाकर खड़ा किया गया था। आगे गुब्बारे बांधे गए थे। इंजन को रंगीन झंडियों से सजाया गया। यह पीलीभीत को जाने के लिए आखिरी ट्रेन थी। इसे विदाई देने के लिए मैलानी कस्बे के तमाम लोग जमा थे।

पूर्वोत्तर रेलवे मण्डल लखनऊ के जनसंपर्क अधिकारी आलोक श्रीवास्तव, महेश गुप्ता, स्टेशन अधीक्षक राजेश गुप्ता, उप स्टेशन अधीक्षक यूके वर्मा, मण्डल वाणिज्य निरिक्षक आर के बांगर, चीफ क्रू कंट्रोलर चितरंजन कुमार सिंह, सेक्शन इंजीनियर एचएस राना, एईन वीएन पाण्डेय, व्यापारी मंदीप साहनी, प्रकाशचंद कटियार, रामनरेश यादव,विजय अरोरा,धमेन्द्र शर्मा,विजय गुप्ता,मुन्ना गुप्ता,विनोद वर्मा सहित सैकेड़ो की संख्या में लोग जंक्शन पर मौजूद रहे। अब इस रेलखंड को ब्राडगेज में बदला जाना है। इसी वजह से इसव आखिरी ट्रेन के बाद रूट को ट्रेनों के लिए बंद कर दिया जाएगा। यह रेल खंड 127 साल पुराना है। तब से इस पर ट्रेनें दौड़ रही हैं। वर्ष 1891 में पहली अप्रैल को रुहेलखंड एंड कुमायूं रेलवे के अंतर्गत गोलाकर्णनाथ से पीलीभीत तक मीटरगेज लाइन का निर्माण कार्य पूरा हुआ और इस पर ट्रेनों का संचालन भी शुरू हो गया। तब से 127 साल का लंबा वक्त गुजर गया और इस रेलखंड पर बिना कोई विशेष बदलाव के यात्रियों का सफर बदस्तूर जारी रहा।

बुधवार दोपहर ट्रेन यहां से रवाना हो गई और शाम चार बजे ट्रेन पीलीभीत पहुंची। वहां भी इसका जोरदार स्वागत किया गया और विदाई दी गई।बाक्सआखिरी ट्रेन पर 200 लोगों ने किया सफर-वैसे तो ट्रेन पर रोज लोग सफर करते थे, लेकिन आज माहौल ही दूसरा था। जो भी इस ट्रेन पर बतौर हमसफर था, उसके मन में खुशी लेकिन मलाल भी था। मैलानी से तमाम लोग यूं ही इस ट्रेन पर बुधवार को 200 लोग सवार थे। सभी यात्री मैलानी से ही बैठे थे। ट्रेन में सवार लोग सेल्फी खिंचा रहे थे तो कहीं फेसबुक पर अपनी पोस्ट डाला था। ट्रेन के अंदर का अलग माहौल था। हर कोई ट्रेन को लेकर ही चर्चा कर रहा था।

166 करोड़ से पीलीभीत तक होगा काम

ट्रेनों का रूट बंद होने के बाद अब इस पर ब्राडगेज निर्माण का काम शुरू होगा। मैलानी से पीलीभीत तक रेलमार्ग की दूरी 67 किलोमीटर है। ट्रेनें बंद होने के बाद ही इसको बड़ी लाइन बनाने का खाका भी खिंच गया। पीआरओ आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि मैलानी पीलीभीत के 67 किलोमीटर रेलखंड को 166 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। रेलखंड को ब्राडगेज में करने की समय सीमा दो साल की होगी। दो साल के अंदर यानी 2020 में इस रूट को बड़ी लाइन बनाकर ट्रेनें शुरू कराई जाएंगी। तब तक लखनऊ से गोला तक की बड़ी लाइन भी पूरी होने की उम्मीद है। सीतापुर ऐशबाग का ब्राडगेज में परिवर्तन का कार्य जून माह तक पूरा हो जाएगा व मैलानी सीतापुर रेलखंड का कार्य दिसम्बर माह तक पूरा हो जायेगा। ब्राडगेज का काम संस्था आरवीएनएल (रेल विकास निगम लिमिटेड) के पास है। यह संस्था लखनऊ से पीलीभीत तक गेज कंवर्जन का काम कर रही है। कार्यदायी संस्था की ओर इस रेलखंड पर ब्राडगेज के लिए ब्लाक लेने से पहले कराए जाने वाले निर्माण कार्य समय से पूरे नहीं कराए गए। इससे इस रेलखंड पर ब्लाक लेने का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम कई बार टल भी गया। बुधवार को अंतिम ट्रेन पर सवारी करने और छोटी लाइन को भरे मन से विदाई देने को लोग जुटे।

राजेश सिंह ले गए आखिरी सवारी गाड़ी को

मैलानी पीलीभीत रेलखंड पर आखिरी गाड़ी संख्या 52208 के चालक राजेश कुमार सिंह थे। उनका भी स्टेशन पर तिलक हुआ। लोगों ने माला पहनाईं। राजेश सिंह इस स्वागत सत्कार से भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि वह पन्द्रह वर्षों से इस खंड पर गाड़ी चला रहे हैं। अब तक वह इसे नौकरी मानकर कर रहे थे, लेकिन बुधवार को उन्हें एहसास हुआ कि वे बहुत अहम काम कर रहे हैं। आज लोगों के मन में रेलवे और मीटरगेज के प्रति सम्मान देखा है। उनको महसूस हो रहा है कि ब्राडगेज के विकास के वक्त भी लोग किस तरह मीटरगेज से जुड़े हुए हैं। आज वह अपने को बहुत भाग्यशाली मानते है कि उन्हें इस अंतिम गाड़ी को ले जाने का मौका मिला।

अब मैलानी में होगी गाड़ियों की सफाई

स्टेशन अधीक्षक राजेश गुप्ता ने बताया कि मैलानी पीलीभीत रेलखंड के बंद होने के बाद मैलानी जंक्शन स्टेशन पर कर्मचारी बढ़ेंगे। गाड़ियो की साफ सफाई एवं मरम्मत का जो कार्य पीलीभीत होता था, अब वह मैलानी जं स्थित वांशिग पीट लाईन में होगा। प्रतिदिन दो गाडि़यो की साफ सफाई व उन गाड़ियो का मेन्टीनेंस का कार्य किया जायेगा।

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