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लखीमपुरखीरी

बढ़ गई मृत्यु दर, मौत का प्रमाणपत्र मिलना नहीं आसान

हिन्दुस्तान टीम,लखीमपुरखीरीPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 03:22 AM
कोरोना काल में मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है । मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले आवेदन भी। वैसे तो इनको जारी करने के लिए 15 दिन की मीयाद...
1 / 3कोरोना काल में मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है । मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले आवेदन भी। वैसे तो इनको जारी करने के लिए 15 दिन की मीयाद...
कोरोना काल में मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है । मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले आवेदन भी। वैसे तो इनको जारी करने के लिए 15 दिन की मीयाद...
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कोरोना काल में मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है । मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले आवेदन भी। वैसे तो इनको जारी करने के लिए 15 दिन की मीयाद...
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लखीमपुर-खीरी। कोरोना काल में मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है । मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले आवेदन भी। वैसे तो इनको जारी करने के लिए 15 दिन की मीयाद है। पर नगर पालिकाओं में उस स्पीड से काम नहीं हो रहा। मोहम्मदी नगर पालिका को छोड़कर सभी जगह आवेदन लंबित हैं। लखीमपुर नगर पालिका में काम बहुत सुस्त है। गांवों में तो हालात और खराब है। प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने और शपथ होने तक यहां बहुत कम प्रमाण-पत्र बन रहे हैं। वजह है कि एक-एक वीडीओ के पास कई-कई ग्राम पंचायतें हैं।

दृश्य-01

लखीमपुर में एक माह में 162 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी, सैकड़ों लंबित

लखीमपुर खीरी। लखीमपुर नगरपालिका ने मई माह में अब तक 162 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए हैं। जबकि बड़ी संख्या में अभी लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र लंबित हैं। इतना ही नहीं उससे भी ज्यादा संख्या में लोग आवेदन करने पहुंच रहे हैं। नगरपालिका ने इसके लिए बाकायदा एक काउंटर खोला है। जिसमें सुबह से लेकर शाम तक एक कर्मचारी बैठता है। जो लोगों के मृत्यु प्रमाण बनवा रहा है।

शहरी क्षेत्र में जिन लोगों की मौत हो जाती है। उनका मृत्यु प्रमाण पत्र नगर पालिका से बनता है। वैसे तो नगर पालिका में रोज दो-तीन आवेदक ही पहुंचते थे जिनको मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना होता था। इस हिसाब से महीने भर में करीब 70 से 80 मृत्यु प्रमाण पत्र ही बनते थे। लेकिन इधर कोरोना काल में बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु हुई है। अब उनके परिजन नगरपालिका में मृत्यु प्रमाण बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं। कोरोना काल में बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु हुई है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नगरपालिका में इन दिनों तीन गुना ज्यादा मृत्यु प्रमाण पत्र बन रहे हैं। नगरपालिका के रिकॉर्ड के अनुसार वैसे महीने में 70 से 80 मृत्यु प्रमाण पत्र बनते थे।

दृश्य-02

मोहम्मदी में सबसे ज्यादा 515 प्रमाण पत्र जारी

मोहम्मदी-खीरी। नगर पालिका परिषद मोहम्मदी में कोरोना काल में हुई लोगों की मृत्यु प्रमाण पत्र के बनाने की गति शत-प्रतिशत रही है। नगर पालिका में एक अप्रैल 20 20 से 24 मई 2021 तक 525 आवेदन पत्र आए, जिनमें 515 मृत्यु प्रमाण पत्र संबंधित को निर्गत किए जा चुके हैं। केवल 10 प्रमाण-पत्र अनिस्तारित है। जिनमें मृत्यु के स्थान की जांच आदि लंबित है।

नगर पालिका परिषद के पटल प्रभारी उदित सैनी ने बताया की एक अप्रैल 2021 से 24 मई 2021 तक 65 आवेदन पत्रों में से 59 आवेदन पत्रों को निस्तारित किया जा चुका है जो 91 फीसदी है। जबकि गत वर्ष 1 जनवरी 2020 से 31 मार्च 2021 तक कुल 460 मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन प्राप्त प्राप्त हुए हैं। इनमें 456 मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत किए गए जो कि 99 फीसदी से अधिक है। ईओ डीके मिश्र ने बताया कि इस पटल पर उदित सैनी और कंप्यूटर ऑपरेटर सुप्रिया गुप्ता प्रतिदिन मौजूद रहकर कार्य निपटा रहे हैं। दो चार आवेदन पत्रों में जांच चल रही है इसे शीघ्र ही निस्तारित कर दिया जाएगा।

दृश्य-03

अप्रैल और मई में दोगुनी पहुंच गई मृत्यु दर की संख्या

पलियाकलां-खीरी। संवाददाता

कोरोना संक्रमण के दौरान नगर पालिका में मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर संख्या में दोगुना इजाफा हुआ है। पिछले महीनों में जहां एक माह में 10 से 15 के बीच मृत्यु प्रमाण पत्र का पंजीकरण कराया जाता था। वहीं अप्रैल और मई के बीच 35 शहरवासियों ने मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगर पालिका में अपना आवेदन कराया है जो संख्या पिछले महीनों की उपेक्षा दोगुनी है। नगर पालिका के प्रधान लिपिक विजेंद्र कुमार ने बताया कि फरवरी में अट्ठारह, मार्च माह में 15 और अप्रैल में 14 लोगों ने मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि अप्रैल और मई के बीच हुई मृत्यु के बाद इस माह उनके पास मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 35 आवेदन आए हैं जिन पर काम चल रहा है। कुल मिलाकर कोरोना का काल के दौरान अप्रैल और मई माह के बीच मृत्यु प्रमाण पत्रों की संख्या बता रही है कि पूर्व की भांति इस महीने मृत्यु की दर में दोगुनी संख्या का इजाफा हुआ है।

दृश्य-04

दो माह में जारी हुए 73 मृत्यु प्रमाण पत्र

गोला गोकर्णनाथ खीरी। संवाददाता

नगर पालिका परिषद में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का सिलसिला जारी जारी है। मई में 49 लोगों ने प्रमाण पत्र मांगे थे, जिनमें 32 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। कोरोना संक्रमण में तमाम लोगों की मौतें हुई हैं। जिसमें कुछ लोगों के आश्रितों ने नगर पालिका परिषद से मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए अप्लाई किया। तमाम लोग कोरोना संक्रमण के चलते नहीं गए। अब जब संक्रमण की रफ्तार धीमी हुई है तब जरूरतमंद लोग प्रमाण पत्र जारी किए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। गोला नगर पालिका परिषद में नजर डाली जाए तो जनवरी से मई माह तक 203 लोगों ने प्रार्थना पत्र दिए जिसमें 140 लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए। अप्रैल माह में 50 लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिए थे जिसमें 41 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। मई माह में 49 लोगों ने प्रार्थना पत्र दिए थे जिसमें 32 लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए है। नगर पालिका परिषद में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के मुख्य लिपिक मोहित गिरि ने बताया कि अप्रैल माह में बहुत ही कम लोगों ने अप्लाई किया है जिसकी वजह कोरोना संक्रमण माना जा रहा है। मृत्यु प्रमाण पत्र का प्रार्थना पत्र प्राप्त होने के बाद उस वार्ड के सफाई नायक से रिपोर्ट मांगी जाती है और सफाई निरीक्षक उसकी संस्तुति करता है तब मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।

दृश्य-05

गांवों में मौत का सबूत मिलना सबसे दुश्वार

खमरिया-खीरी। संवाददाता

किसी की मौत के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र की खासी जरूरत परिजनों को रहती है। बैंकों में जमा पैसा हो या जमीन-जायदाद की विरासत अथवा पेंशन सम्बन्धी काम हो। कमोबेश हर जगह मौत के सबूत के लिए कागज की जरूरत पड़ती है। मगर पिछले तीन महीनों से गांव में मृतक हुए लोगों के उत्तराधिकारियों को कागज नहीं मिल पा रहा है। किसी की मौत के बाद परिवार रजिस्टर में संशोधन कराने के बाद मृत्यु प्रमाण-पत्र मिलता है। मगर संशोधन की तस्दीक का काम गांव के प्रधान के जिम्मे रहता था। ग्राम विकास अधिकारी भी स्वतः सत्यापन कर परिवार रजिस्टर में संशोधन कर सकते हैं। लेकिन ग्राम प्रधान चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद से अभी तक नव निर्वाचित प्रधानों का शपथ ग्रहण नहीं हुआ है। जिससे प्रधान मौत का सत्यापन नहीं कर पा रहे हैं। ग्राम विकास अधिकारियों के पास भी कई ग्राम सभाओं का चार्ज होता है। जहां हर मौके पर पहुंचना ग्राम विकास अधिकारियों के लिए पहले से ही कठिन था। पर अब कोरोना संक्रमण के दौरान ग्राम विकास अधिकारी भी नहीं मिल रहे हैं। जिसकी वजह से मृत्यु प्रमाणपत्र मिल पाना गांवों में भी कठिन हो गया है।

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