ईरान-इजरायल युद्ध से लखीमपुर में एसी-कूलर महंगे

Apr 06, 2026 04:55 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखीमपुरखीरी
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Lakhimpur-khiri News - ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध का असर आम लोगों की जरूरतों पर पड़ रहा है। महंगाई के चलते एसी और कूलर की कीमतें 15 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। दूसरी ओर, गैस सिलेंडर की कमी से शादी के सीजन में कैटरर्स एडवांस ऑर्डर नहीं ले रहे हैं, जिससे परिवारों की चिंता बढ़ गई है।

ईरान-इजरायल युद्ध से लखीमपुर में एसी-कूलर महंगे

ईरान-इजरायल, अमेरिका के बीच जारी युद्ध का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी साफ दिखने लगा है। बढ़ती महंगाई ने जहां पहले ही लोगों की जेब पर बोझ बढ़ा रखा था, वहीं अब गर्मी के मौसम में राहत देने वाले उपकरण जैसे एसी और कूलर भी महंगे हो गए हैं। शहर के बाजारों में इन उत्पादों की कीमतों में करीब 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एसी विक्रेताओं के अनुसार, जिन कंपनियों के एसी पहले करीब 32 हजार रुपये में उपलब्ध हो जाते थे, अब उनकी कीमत बढ़कर 35 हजार रुपये से अधिक हो गई है।

कीमतों में इस अचानक बढ़ोतरी के चलते ग्राहकों का रुझान कम हो गया है, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक प्रमुख एसी विक्रेता ने बताया कि पिछले वर्ष अप्रैल और मई महीने में करीब 1200 से अधिक एसी की बिक्री हुई थी, जबकि इस बार अब तक मात्र 40 एसी ही बिक पाए हैं। व्यापारियों का कहना है कि महंगाई के चलते ग्राहक खरीदारी से बच रहे हैं और पुराने एसी को ही ठीक कराने पर जोर दे रहे हैं। हालांकि, मरम्मत का खर्च भी अब बढ़ गया है। एसी मैकेनिकों के मुताबिक, पहले जहां एसी में गैस भरवाने का खर्च 1500 से 2000 रुपये के बीच होता था, अब वही बढ़कर करीब 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच गया है। इस बढ़ती महंगाई ने न केवल उपभोक्ताओं बल्कि व्यापारियों और तकनीशियनों की चिंता भी बढ़ा दी है। गर्मी के इस सीजन में जहां एसी-कूलर की मांग बढ़नी चाहिए थी, वहीं युद्ध के असर से बाजार में सन्नाटा देखने को मिल रहा है।सहालग में गैस संकट से फीकी पड़ी शादियों की रौनक-कामर्शियल सिलेंडर किल्लत से कैटरर्स ने एडवांस ऑर्डर लेने से कर रहे इंकार-शादी-विवाह के सीजन की शुरुआत 15 अप्रैल से होने जा रही हैफोटो---07--गैस की कमी की वजह से लोग लकड़ियां एकत्र कर रही हैंलखीमपुर, संवाददाता।शादी-विवाह के सीजन की शुरुआत 15 अप्रैल से होने जा रही है, लेकिन इस बार सहालग की खुशियों पर गैस सिलेंडर की किल्लत भारी पड़ती नजर आ रही है। खासकर कामर्शियल गैस सिलेंडर की कमी ने कैटरिंग व्यवसाय को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिससे शादी वाले परिवारों की चिंताएं बढ़ गई हैं।कैटरर्स का साफ कहना है कि जब तक गैस सिलेंडर की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक वे एडवांस ऑर्डर लेने को तैयार नहीं हैं। कई कैटरर्स ने ग्राहकों के सामने यह शर्त रख दी है कि वे खुद गैस सिलेंडर का इंतजाम करें, तभी वे खाना बनाने का जिम्मा लेंगे। ऐसे में लोगों को अपने रिश्तेदारों और परिचितों से गैस सिलेंडर मांगने पड़ रहे हैं, लेकिन 45 दिन की समय सीमा के कारण कोई भी सिलेंडर देने में सक्षम नहीं है। लालपुर निवासी राजेश कुमार बताते हैं कि उनकी बेटी की शादी 20 अप्रैल को है और हलवाई ने 22 गैस सिलेंडर की मांग रख दी है। अब उनके सामने सबसे बड़ी समस्या यही है कि इतने सिलेंडर आखिर कहां से लाए जाएं। वहीं खजांची वर्मा विशंभर दयाल का कहना है कि हलवाई ने सिलेंडरों की लंबी सूची थमा दी, जिससे वे परेशान हो गए। स्थिति से मजबूर होकर विशंभर दयाल ने मैरिज लॉन की बुकिंग रद्द कर गांव में ही शादी करने का फैसला लिया है। उन्होंने लकड़ी का इंतजाम भी कर लिया है और अब बारातियों के भोजन की तैयारी लकड़ी के चूल्हे पर ही करने की योजना बना रहे हैं। गैस संकट के कारण न केवल कैटरिंग व्यवसाय प्रभावित हो रहा है, बल्कि शादी की तैयारियों में जुटे परिवारों की खुशियों पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो इस सहालग में कई शादियों की चमक फीकी पड़ सकती है।

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