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दुधवा में बाघों के आराम में डाला खलल तो लग जाएगा बैन

दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की हिफाजत को लेकर एहतियाती और सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। तय रूटों के अलावा किसी भी नहीं नए रूट पर जिप्सी ले जाने पर नेचर...

दुधवा में बाघों के आराम में डाला खलल तो लग जाएगा बैन
हिन्दुस्तान टीम,लखीमपुरखीरीSat, 11 May 2024 10:45 PM
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लखीमपुर। दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की हिफाजत को लेकर एहतियाती और सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। तय रूटों के अलावा किसी भी नहीं नए रूट पर जिप्सी ले जाने पर नेचर गाइड और जिप्सी चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। यहां प्रतिबंधित रूट पर जाने के वाले गाइड व जिप्सी चालकों पर प्रतिबंध किया जा चुका है।
दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों पर्यटन सत्र चल रहा है। इस बार किशनपुर सेंच्युरी में सबसे ज्यादा बाघों की साइटिंग हो रही है। बाघों के दीदार के लिए उमड़ रहे सैलानियों की भीड़ सबसे ज्यादा दुधवा और किशनपुर सेंच्युरी की ओर जा रही है। पर कई बार सैलानियों के दबाव में पर्यटकों को नेचर गाइड और जिप्सी चालक ऐसे रूट पर ले जाते हैं, जहां जाना प्रतिबंधित है। पिछले दिनों ही एक जिप्सी चालक और नेचर गाइड को तीन दिन के लिए बैन किया गया। अब दुधवा में इसे लेकर नियम सख्त किए गए हैं। तय रूट और जंगल के रास्तों पर जिप्सी ले जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। दुधवा के उप निदेशक डॉ. रंगाराजू टी ने बताया कि दुधवा के पर्यटन सर्किट में पहले से रूट तय किए गए हैं। उन्हीं रूटों पर ही जिप्सी जा सकती है। अन्य किसी रूट पर जिप्सी ले जाने पर गाइड और चालक दोनों पर कार्रवाई की जाएगी। यह बाघों का खलल रोकने की ताकीद किया गया है। अगर दूसरी बार कोई नियम तोड़ता है तो उसे 15 दिन के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके बाद उनको पूरे सत्र के लिए उनको बैन कर दिया गया है।

बाघों के इलाके में हॉर्न बजाना भी बना

बाघों के आराम में खलल न पड़े इसके लिए नियम तय किए गए हैं। दुधवा के उप निदेशक डॉ. रंगाराजू टी ने बताया कि बाघों की मौजूदगी के क्षेत्र में न तो कोई वाहन रोका जाएगा और न ही वहां कोई शोर शराबा भी नहीं होगा। यही नहीं, पर्यटकों के वाहन को हार्न बजाना भी मना है। इसके अलावा बाघों की सुरक्षा को लेकर बाघिनों और शावकों की मौजूदगी को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है। जहां बाघिनों की शावकों की मौजूदगी है, वहां कैमरे लगाए जाएंगे।

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