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3 दिसंबर, 2020|4:06|IST

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निकल पड़े हैं पांव अभागे, जाने कौन डगर ठहरेंगे...

निकल पड़े हैं पांव अभागे, जाने कौन डगर ठहरेंगे...

कुछ छोटे सपनों के बदले बड़ी नींद का सौदा करने, पांव अभागे निकल पड़े हैं जाने कौन डगर ठहरेंगे। डा. कुमार विश्वास की ये लाइनें इन दिनों हाईवे पर साफ दिखाई देने लगी हैं। सैकड़ों मजदूर बड़े शहरों से गांव भागे जा रहे हैं। कोई वाहन नहीं मिला तो पैदल ही निकल पड़े। रोटी नहीं मिली तो ठंडे पानी से ही गला तर कर लिया। ऐसे बेसहारा लोगों के लिए प्रशासन रहनुमा बनकर आया है। दिल्ली पिथौरागढ़ और टनकपुर से बहराइच, बस्ती और नेपाल घर वापस जा रहे राजगीर जो लखीमपुर में फंसे हुए हैं, उन की तलाश के लिए एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह ने 12 लेखपालों की टीम बनाई है। लेखपाल सभी को कैम्प में लाकर उनका मेडिकल परीक्षण करवा रहे हैं। सभी को खाना खिलाकर घर बसों से भेजा जा रहा है।

एसडीएम सदर डॉ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली पिथौरागढ़ और टनकपुर से घर जा रहे सैकड़ों लोग अभी लखीमपुर में फंसे हुए हैं। वाहन न मिलने की वजह से वह इधर-उधर भटक रहे हैं। ऐसे लोगों को घर भेजवाने के लिए एक टीम का गठन किया गया है। इस टीम में 12 लेखपाल और तीन कानूनगो को रखे गए हैं। नोडल अफसर नायब तहसीलदार को बनाया गया है। यह लेखपालों की टीम तीन शिफ्ट में हाइवे पर ड्यूटी कर रही जी। लखीमपुर में फंसे हुए लोगों को तलाश कर कैम्प में लाया जा रहा है। कैम्प आजमानी स्कूल के पास बना है। जो लोग कैम्प में आ रहे है। उनका पहले मेडिकल परीक्षण हो रहा है। फिर उनको सैनिटाइज किया जा रहा है। बाद में उनको खाने के लिए खाना दिया जा रहा है और फिर बसों से वह जहां के रहने वाले हैं वहां उनको भेजवाया जा रहा है।

अब तक आठ बसें ले जा चुकी फंसे हुए लोगों को

एसडीएम सदर डॉ.अरुण कुमार सिंह ने बताया कि उनका यह कैंप शुक्रवार की सुबह से शुरू हुआ था। लगभग दो दिनों में अब तक आठ बसों में सैकड़ों लोग अपने घरों के लिए रवाना हो चुके हैं। एसडीएम ने बताया कि अभी इस कैंप में लेखपाल लगातार फंसे हुए लोगों को तलाश कर लेकर आ रहे हैं। सभी को धीरे धीरे उनके घरों को भेजवाया जा रहा है। एसडीएम ने बताया कि अगर कोई भी कही भी फंसा हुआ है तो वह इस कैम्प में आ जाए या प्रशासन पुलिस से संपर्क करे। उसे घर भेजवाया जाएगा।

आजमानी और रोजवेज की लगी बसें

लखीमपुर में फंसे हुए लोगों को घर भेजने के लिए अजमानी इंटरनेशनल और रोडवेज की बसों को लगाया गया है। यह बसें फंसे हुए लोगों को लेकर उनके घर जा रहे हैं। बस में ज्यादा लोगों को बैठाया नहीं जाता है। एक सीट पर सिर्फ एक व्यक्ति को ही बैठने को कहा जाता है। एक बस में 12 से 15 लोग ही अपने घरों को जा पा रहे हैं। इस काम में प्रशासन की ज्यादातर बसे लगी हुई है। ताकि लोग अपने घरों को पहुंच सके।

कैम्प में ही बन रहा खाना

एसडीएम सदर ने बताया कि कैम्प में ही जरूरतमंद लोगों के लिए खाना बनवा रहा है। इसके लिए आजमानी स्कूल ने भी अपनी किचन दी है। कैप्म में पानी और सैनीटाइजर की उचित व्यवस्था है। कैम्प में एक एक मीटर की दूरी पर गोले बनाए गए है। इसी में उनको बैठाया जा रहा है।

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