
फूलबेहड़ के 25 गांव बने टापू, रपटा पर तीन से चार फिट चल रहा पानी
Lakhimpur-khiri News - बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी से शारदा नदी उफना गई है, जिससे गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। सैकड़ों एकड़ फसलें डूब गई हैं और रास्ते जलमग्न हो गए हैं। लोग नावों से आवागमन कर रहे हैं और कई गांव टापू...
बनबसा बैराज से छोड़े गये पानी से शारदा नदी उफना गयी है। तटबंध के अंदर के गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। सैकड़ों एकड़ फसलें पानी में डूब गयी हैं। गांवों को जाने वाले रास्ते जलमग्न हो गये हैं। मील पुरवा में मुख्य मार्ग पर करीब दो फिट पानी बह रहा है। वहीं श्रीनगर के पास भी रपटा पुल पर तीन फिट पानी तेज बहाव के साथ चल रहा है। यहां लोगों को निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम सदर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर जायजा लिया। फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा नदी उफना गयी है।
जिससे मंगलीपुर्वा, जगन्नाथ पुर्वा,जदीद पुर्वा, रायनगर,गूम,बेड़हा सोतिया,इच्छाराम पुर्वा, बड़ागांव, बसहा, खांभी, गोपाल पुर्वा, बालूगंज, खगई पुर्वा, बेचन पुर्वा समेत करीब पच्चीस गांव बाढ़ से टापू बन गये हैं। सैकड़ों एकड़ फसलें बाढ़ से जलमग्न हो गयी हैं। मीलपुर्वा के पास मुख्य मार्ग पर करीब दो फिट पानी बह रहा है। दोपहिया समेत हल्के वाहनों का आवागमन बंद है।लोग ट्रैक्टर ट्राली पर सवार होकर निकल रहे हैं। श्रीनगर के पास खांभी, गोपाल पुर्वा, बालूगंज,ग्रंट नं 12 , बसहा आदि गांवों को जाने वाले रपटा पुल पर करीब तीन फिट पानी तेज बहाव के साथ चल रहा है। यहां भी पैदल आवागमन पूरी तरह बंद है। बड़ागांव जाने वाले मार्ग पर तटबंध के पास बना पुल पानी के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया है जिसकी वजह से यहां लोगों का आवागमन नहीं हो पा रहा है।गांवों में जाने वाले रास्ते पूरी तरह डूबे हुए हैं।लोग नावों से आवागमन कर रहे हैं। जदीद पुर्वा निवासी राधेश्याम यादव का कहना है गांव समेत हर तरफ पानी ही पानी है। ऐसे में जरूरी काम से जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। बाबा पुर्वा के रमाशंकर ने बताया तटबंध से उनके गांव की दूरी करीब पांच किलोमीटर है। तटबंध से गांव तक पानी ही पानी है।सारे रास्ते डूबे हैं ऐसे में नाव से आवागमन करना पड़ता है। मंगलीपुर्वा के रामनरेश गैस भराने के लिए जा रहे थे। सिलेंडर लेकर पानी पार कर जैसे तैसे पंहुचे। इनका कहना था बाढ़ भरी है खाना बनाने को लकड़ियां नहीं बची है इसलिए गैस लेकर जाना जरुरी है। मंगलीपुर्वा के ही नसीम ने बताया चारों तरफ पानी भरा है। फसलें पानी में डूब गयी हैं। जानवरों के चारे की भी समस्या है।

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