डीजल, यूरिया और गन्ना भुगतान को लेकर किसानों का प्रदर्शन
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के बैनर तले किसानों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने आरोप लगाया कि पेट्रोल पंप संचालक डीजल देने से इनकार कर रहे हैं, जो खेती प्रभावित कर रहा है। यूरिया खाद की कमी भी एक गंभीर समस्या है। डीएम ने समाधान का आश्वासन दिया।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के बैनर तले किसानों ने विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की। किसानों ने आरोप लगाया कि जिले के अधिकांश पेट्रोल पंप संचालक कैन, टिप्पिया और ड्रम में डीजल देने से इनकार कर रहे हैं जिससे खेती किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत होने से किसान परेशान हैं और खाद के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर हैं। किसानों ने अंश निर्धारण में व्याप्त कमियों का मुद्दा भी उठाते हुए ग्राम स्तर पर चौपाल लगाकर सभी त्रुटियों के निस्तारण की मांग की।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद डीएम ने किसानों को आश्वस्त किया कि अगले दो दिनों के भीतर जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर किसानों को कैन, टिप्पिया और ड्रम में डीजल उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही समितियों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध कराने और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। भाकियू के जिलाध्यक्ष कुलवंत सिंह जोसन ने कहा कि जिले के किसानों का बजाज ग्रुप पर लगभग 800 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य बकाया है। जब तक किसानों का भुगतान नहीं होगा तब तक उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार संभव नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा। प्रदर्शन में युवा जिला अध्यक्ष सरबजीत सिंह सैनी, जसपाल सिंह भल्ला, रवि तिवारी, धर्मेंद्र सक्सेना, प्रसंदीप सिंह, अनुराग मिश्रा, राजेश शुक्ला, राहुल वर्मा, कमलजीत सिंह, हेमनाथ, अमरजीत सिंह, संदीप सिंह, मुख्तार सिंह, जगप्रीत संधू, जसप्रीत सिंह, सुधीर वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान एवं पदाधिकारी मौजूद शामिल थे।


