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26 अक्तूबर, 2020|3:53|IST

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उधार की बिजली से खीरी में चलेगी बिजली की रेल

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लखीमपुर खीरी।

सीतापुर-लखीमपुर के बीच विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद कार्यदाई संस्था इसका सीआरएस निरीक्षण नवंबर में कराने की तैयारी में जुट गया है। सीआरएस का निरीक्षण होने के बाद भी खीरी जिले में दौड़ने वाली विद्युत ट्रेन उधार की बिजली से ही दौड़ सकेंगी। ट्रेनों के लिए पर्याप्त बिजली सप्लाई को बनने वाला टीएसएस केंद्र अभी तैयार नहीं हो पाया है। इसको तैयार होने में करीब 8 माह से अधिक का समय लगने की संभावना जताई जा रही है।

लखनऊ-सीतापुर के बीच बिजली की ट्रेन का संचालन शुरू होने के बाद सीतापुर से लखनऊ के बीच भी विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है। इस रेलखंड पर ट्रेन संचालन को लेकर कार्यदाई संस्था नवंबर में सीआरएस निरीक्षण कराने के प्रयास में जुट गया है। लखीमपुर तक काम पूरा होने के बाद कारदायी संस्था ने लखीमपुर से गोला के बीच चल है काम की रफ्तार बढ़ा दी है। गोला तक काम पूरा होने के बाद गोला से मैलानी के बीच भी विद्युतीकरण का काम शुरू किया जाएगा।

फरधान में बन रहा टीएसएस सब स्टेशन

रेल विद्युतीकरण का काम लखनऊ से मैलानी तक किया जाना है। इसमें लखनऊ सीतापुर के बीच काम पूरा होने के बाद ट्रेन का संचालन भी शुरू हो गया है। सीतापुर लखीमपुर के बीच काम पूरा होने के बाद सीआरएस ट्रायल को लेकर तैयारी तेज हो गई है। इस दौरान ट्रैक पर दौड़ने वाली ट्रेनों के लिए बिजली सप्लाई बेहतर रखने को फरधान में टी एस एस सब स्टेशन बनाया जा रहा है। इसका काम अभी काफी बाकी है। इसको पूरा करने में कार्यदाई संस्था को 8 माह से अधिक का समय लगेगा।

अभी बिसवां से हो रही सप्लाई

-लखनऊ सीतापुर के बीच दौड़ रही विद्युत ट्रेनों के लिए बिजली सप्लाई बिसवां में बने टीएसएस केंद्र से की जा रही है। बिसवां को लखनऊ से सप्लाई मिल रही है। खैराबाद में भी टीएसएस केंद्र बनाया जा रहा है। इसका काम लगभग पूरा होने वाला है। इसका संचालन शुरू होने के बाद सीतापुर लखीमपुर और सीतापुर लखनऊ के लिए संचालित ट्रेनों को बिजली सप्लाई दी जाएगी।

काम पूरा अब दौड़ रहा 25000 बोल्ट

-विद्युतीकरण का काम पूरा होने के साथ ही बिजली लाइन में करंट भी दौड़ाया जा रहा है। कार्यदाई संस्था का कहना है कि शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक इस लाइन में करंट 25000 बोल्ट प्रवाहित किया जाता है। ऐसे में लोगों को विद्युतीकरण की लाइन और खंभे के आस पास जाना खतरनाक हो सकता है। लोग इसको लेकर सावधानी बरतें।

लखीमपुर- सीतापुर के बीच लगे विद्युतीकरण को खंभे-863

फाउंडेशन बने- 1022

लखीमपुर गोला के बीच लगे खंभे- 680

सीतापुर से लखीमपुर के बीच रेलवे क्रासिंगों पर हाईटगेज का काम पूरा

लोगों को बिजली के करंट से बचाने और बिजली लाइन को सुरक्षित रखने को सभी रेलवे क्रासिंगों पर हाईटगेज लगाए जा रहे है। इससे ओवरलोड वाहन इनसे नहीं गुजर सकेंगे। इन हाईटगेज की ऊंचाई 4.67 मीटर रखने का मानक है। इसी पर काम किया जा रहा है।

गेट संख्या 122 तक हाईटगेज का काम पूरा

सीतापुर- गोला रेल प्रखंड में 28 रेलवे क्रसिंगे है। फरधान तक 23 क्रासिंगे है। इनमें लखीमपुर की गेट संख्या 122 तक हाईटगेज का काम पूरा होने के बाद लाइन भी खींच दी गई है।

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  • Web Title:Electricity rail will run in Kheri with borrowed electricity