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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश लखीमपुरखीरीकोविड काल का चुनाव, प्रोटोकॉल हो गए तार-तार

कोविड काल का चुनाव, प्रोटोकॉल हो गए तार-तार

हिन्दुस्तान टीम,लखीमपुरखीरीNewswrap
Tue, 20 Apr 2021 03:07 AM
सोमवार को निघासन इलाके में हुए पंचायत चुनाव में कोविड-19 संबंधी एहतियातों का ज्यादा पालन होता नहीं दिखा। ज्यादातर बूथों पर वोटर या तो बिना मास्क...
1/ 2सोमवार को निघासन इलाके में हुए पंचायत चुनाव में कोविड-19 संबंधी एहतियातों का ज्यादा पालन होता नहीं दिखा। ज्यादातर बूथों पर वोटर या तो बिना मास्क...
सोमवार को निघासन इलाके में हुए पंचायत चुनाव में कोविड-19 संबंधी एहतियातों का ज्यादा पालन होता नहीं दिखा। ज्यादातर बूथों पर वोटर या तो बिना मास्क...
2/ 2सोमवार को निघासन इलाके में हुए पंचायत चुनाव में कोविड-19 संबंधी एहतियातों का ज्यादा पालन होता नहीं दिखा। ज्यादातर बूथों पर वोटर या तो बिना मास्क...

निघासन-खीरी।

सोमवार को निघासन इलाके में हुए पंचायत चुनाव में कोविड-19 संबंधी एहतियातों का ज्यादा पालन होता नहीं दिखा। ज्यादातर बूथों पर वोटर या तो बिना मास्क खड़े दिखे या फिर बेकायदे मुंह पर मास्क लगा रखा था। लोग वोट डालने के लिए लाइनों में एक-दूसरे से कोरोना से पहले के चुनावों की तरह चिपके खड़े दिखे। उनको कोविड का मानो कोई खौफ ही नहीं था। कई जगह वोटर चिलचिलाती धूप और पीने के पानी समस्या से परेशान दिखे। एकाध जगह लोग विभिन्न वजहों से वोट डालने से रह गए। इस दौरान अफसर पूरे इलाके में पोलिंग सेंटरों पर मतदान का जायजा लेते रहे।

सुबह से लग गईं वोटरों की लाइनें

सोमवार सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के पहले ही इलाके के तमाम पोलिंग बूथों पर वोटरों की लाइनें लग गई थीं। सात बजते ही एकाध पोलिंग बूथों को छोड़कर सब जगह वोट डाले जाने लगे। पोलिंग में लगाए गए अधिकांश मतदानकर्मी कोविड की वजह से सशंकित और मजबूरी में ड्यूटी करते दिखे। वे बार-बार सेनेटाइजर का उपयोग कर रहे थे। साथ ही वोटरों को दूर खड़े होकर बैलट रिसीव करने की हिदायत दे रहे थे। बिना मास्क लगाए पहुंचे वोटरों पर कई मतदानकर्मी खफा हो रहे थे। पोलिंग में युवाओं से लेकर महिलाओं और बुजुर्गों तक ने हिस्सा लिया।

कहीं लेट तो कहीं धीमी गति से वोटिंग से परेशान हुए वोटर

निघासन इलाके के दौलतापुर के वार्ड नंबर 15 के बूथ पर ग्राम पंचायत सदस्य के मतपत्र ही नहीं पहुंचे थे। इसकी वजह से वहां करीब दो घंटे देर से वोटिंग शुरू हो पाई। वहां मौजूद वोटर और उम्मीदवार इससे काफी खफा दिखे। उनका कहना था कि बूथ की सामग्री पैक करने वालों ने तो इसका ध्यान नहीं ही रखा, पोलिंग पार्टी ने भी सामग्री रिसीव करते हुए इसका मिलान नहीं किया।

बूथ पर मौजूद उम्मीदवारों और एजेंटों की सूचना पर वहां मतपत्र भेजे गए।इसी प्रकार सिंगाही इलाके की सिंगाही देहात ग्राम पंचायत का मतदान काफी देर से साढ़े आठ बजे के बाद शुरू हुआ। मतदाताओं की नाराजगी के बाद प्रत्याशियों ने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया इसके बेहद धीमी गति से मतदान हुआ। लखाही गांव में बने पोलिंग बूथ पर वोटर धीमी गति से मतदान को लेकर काफी परेशान दिखे। उनका कहना था कि मतदानकर्मी एक-एक वोटर पर बहुत ज्यादा समय लगाते हैं। इसकी वजह से हो रही स्लो वोटिंग से धूप में खड़े वोटरों और खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को बहुत दिक्कत हो रही है।

आईडी प्रूफ न होने से नहीं डाल पाए वोट

दो दिन पहले शनिवार को इलाके के गुनाखर टांडा गांव के 36 घर आग से जलकर खाक हो गए थे। यहां के कामता सिंह, मोती सिंह, पूरन सिंह, मिलाप सिंह, कलावती, रामसिंह, चितर सिंह आदि ने बताया कि उनके घरों के साथ उनका सारा सामान और वहां रखे उनके वोटर कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक आदि सारे कागजात भी जलकर राख हो गए थे। इस वजह से उनके पास अपनी पहचान का प्रमाण देने का कोई जरिया नहीं बचा था। इसी वजह से ज्यादातर अग्निपीड़ित लोग अपना वोट नहीं डाल पाए। कामता सिंह के मुताबिक वह वोट डालने गए थे लेकिन पहचान प्रमाण न होने से उनको वापस कर दिया गया। एकाध बूथ पर कुछ अग्निपीड़ितों को पहचान करवाकर वोट डालने दिया गया।

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