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बोर्ड परीक्षाओं के चलते फीकी पड़ी दुधवा की रंगत

बोर्ड परीक्षाओं के चलते फीकी पड़ी दुधवा की रंगत

15 नवम्बर की शुरुआत के बाद से लगातार देशी विदेशी सैलानियों से खचाखच रखने वाले दुधवा टाइगर रिजर्व की रंगत इन दिनों फीकी सी पड़ गई है। एका एक कम हुई सैलानियों की संख्या के पीछे का सबसे महत्वपूर्ण कारण बोर्ड परीक्षाओं को माना जा रहा है। दुधवा टाइगर रिजर्व के संरक्षित इलाके में कई दुर्लभ जीव स्वच्छंद विचरण करते हैं। दुधवा में पांच प्रजातियों के हिरनों की फुर्ती, एक सींघ वाले गैंडे की मजबूती और बंगाल टाइगर के नाम से जाने जाने वाले बाघों की तेजी को खुद में समेटे हुए है। इन्हीं दुर्लभ क्षणों को अपनी आंखों से देखने के लिए हर साल देशी और विदेशी पर्यटकों का रेला दुधवा में उमड़ता है। 15 नवम्बर से दुधवा के द्वार सैलानियों के लिये खुले थे जो कि जनवरी तक खचाखच भरा रहा। फरवरी शुरुआत से दुधवा की रंगत फीकी पड़ गई जिसका मुख्य कारण बोर्ड परीक्षाएं व मौसम का बदलाव भी बताया जा रहा है।

क्या कहते हैं दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर

इन दिनों दुधवा में सैलानियों की संख्या अपेक्षाकृत कम हो जाती है। बोर्ड परीक्षाओं का भी सैलानियों की संख्या पर असर पड़ता है। यह कोई खास बात नही है प्रत्येक वर्ष इन दिनों पर्यटकों की संख्या कम रहती है। खराब मौसम का भी आंशिक प्रभाव पड़ता है। मार्च के बाद से फिर दुधवा में सैलानियों की संख्या में इजाफा होने लगता है।महावीर कौजलगि, डीडी दुधवा टाइगर रिजर्व।

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  • Web Title:Dirty skin color due to board examinations