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तहसील से कंबल निकालने को लेकर विवाद, हंगामा

तहसील से कंबल निकालने को लेकर विवाद, हंगामा

संक्षेप:

Lakhimpur-khiri News - पलियाकलां में गरीबों के लिए बांटे जाने वाले कंबलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। लेखपाल और उसके मुंशी ने ई-रिक्शा में कंबल लादे, तभी बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रदीप मेनरो ने जानकारी मांगी। सही जवाब न मिलने पर उन्होंने रिक्शा चालक को थप्पड़ मारा। मामले में एसडीएम ने शिकायत की और वकीलों ने विरोध शुरू किया।

Jan 15, 2026 04:43 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखीमपुरखीरी
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पलियाकलां। सरकार से गरीबों को बांटे जाने को आए कंबलों को बुधवार शाम लेखपाल और उसका मुंशी ई-रिक्शा पर लदवाकर कहीं भिजवा रहे थे। तभी वहां पहुंचे पलिया बार एसोशिएशन के अध्यक्ष ने इस बारे में रिक्शा चालक से जानकारी मांगी। आरोप है कि सही जवाब न दिए जाने पर एक थप्पड़ मार दिया। जिसके बाद मामला बिगड़ गया। एसडीएम ने इसकी शिकायत बार कांउसिल से करने बात कही है। वहीं वकीलों ने भी एसडीएम व लेखपाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार बीती शाम पलिया तहसील से लेखपाल रजनीश अपने मुंशी के साथ एक ई-रिक्शा पर पांच गांठ कंबलों को लदवाकर कही लेकर जाने की तैयारी कर रहे थे।

तभी मौके पर पलिया बार एसोशिएशन अध्यक्ष प्रदीप मेनरो पहुंच गए। जब प्रदीप मेनरों ने रिक्शा चालक से पूंछा कि यह कंबल कहा ले जाए जा रहे हैं तो रिक्शा वाले ने कोई सही जवाब नहीं दिया। आरोप है कि पूछताछ के दौरान पलिया बार एसोशिएशन अध्यक्ष प्रदीप मेनरो उसको एक थप्पड़ मार दिया। शोर-शराबा सुनकर लेखपाल रजनीश भी मौके पर आ गए। लेखपाल ने प्रदीप मेनरो को बताया कि वह कंबल बांटने के लिए ले जा रहे हैं। मगर प्रदीप मेनरों को मानना था कि गरीबों के कंबलों को रात में बेंचने के लिए लेकर जाया जा रहा था। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। इस बारे में लेखपाल ने एसडीएम डॉ अवनीश कुमार व तहसीलदार ज्योति वर्मा से फोन कर जानकारी दी। जिसके बाद दोनो अधिकारियों ने पलिया बार एसोशिएशन अध्यक्ष प्रदीप मेनरो को फोन कर बात की और बताया कि कंबल गरीबों में बंटने के लिए जा था। एसडीएम पलिया डॉ अवनीश कुमार ने पलिया बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रदीप मेनरो पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाया और नारजगी व्यक्त की। बाक्स- सच क्या है जांच के बाद चलेगा पता एक गांठ में 25 कंबल है तो पांच गांठ में 125 कंबल हो गये। इस हिसाब से देखा जाए तो एक कंबल की कीमत लगभग सौ रूपये तो 125 कंबल की कीमत 12500 रूपये। तो क्या मात्र 12500 रूपये के लिए कंबलों को रात के समय बेंचने का प्रयास हो रहा था। सच कया है यह तो जांच का विषय है। वर्जन- बीती शाम लगभग 7 बजे मेरा कुछ सामान आफिस मे रह गया था मैं उसको लेने गया था। तभी मैने देख एक रिक्शा पर कंबल की पाच गांठ लादी जा रही है। जब मैने इस बारे में पूंछा तो मेरे से बद्तमीजी से बात की गई कि आप कौन होते है, अपना काम करिए। जिसके बाद मैने रिक्शा चालक को एक थप्पड़ मार दिया। मैने कहा कहां ले जा रहे हो रिकार्ड दिखाओ, जब मैने रजिस्टर चेक कि तो काई इन्ट्री नही थी। तहसीलदार ने भी मुझसे बद्तमीजी से बात की। जब तक संबधितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, हम लोग आन्दोलन करेंगे। प्रदीप मेनरो, अध्यक्ष पलिया बार एसो. एक-एक कंबल की फीडिंग लाइव लोकेशन, आधार सहित सब कुछ राहत आयुक्त पोर्टल पर की जाती है। किसी भी लेखपाल या कर्मचारी द्वारा उसको छुपाया नहीं जा सकता है। जिसने कंबल होते हैं उनका ब्योरा देना पड़ता है। बार संध के अध्यक्ष प्रदीप मेनरो ने मौके पर आकार आटो चालक को पीटा, बाकी इनके द्वारा जो आरोप लगाए गए है, वह गलत हैं। लेखपाल दिन भर सर्किल में रहता है तो शाम को तो बांटेगा ही, बाकी इनके खिलाफ जो कार्यवाही बनती है होगी। साथ ही बार कांउसिल को भी लिखूंगा। डॉ. अवनीश कुमार, एसडीएम पलिया

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