शोर मचाकर महिलाएं बदमाशों पर टूट पड़ीं

Newswrap हिन्दुस्तान, लखीमपुरखीरी
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राजापुर में सुशील के घर में चोरी के दौरान सुशीला देवी ने चोर को पकड़ लिया। चोर मुन्नीलाल को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला। मुन्नीलाल पर 35 मुकदमे थे। इससे पहले भी कई बार ग्रामीण बदमाशों को पकड़कर मार चुके हैं।

शोर मचाकर महिलाएं बदमाशों पर टूट पड़ीं

रात के करीब दो बजे थे। खमरिया थाना क्षेत्र के राजापुर गांव में सुशील के घर में परिजन गहरी नींद में थे। इसी दरम्यान घर में आहट हुई। सुशील की पत्नी सुशीला देवी की आंख खुल गई। नीचे कमरे में सो रही सुशीला देवी को लगा कि बगल वाले कमरे में कुछ हलचल है। सुशीला बिस्तर छोड़कर दबे पांव कमरे के दरवाजे पर पहुंची। देखा तो होश उड़ गए। कमरे में मौजूद चोर बक्सा खोलकर सामान निकालने की कोशिश में जुटा था। सुशीला देवी शोर मचाते हुए चोर पर टूट पड़ी। शोरगुल सुनकर घर की औरतें और परिवार के अन्य लोग भी आ गए। घर में पकड़े गए चोर को परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर धुनाई की। बताया जाता है कि सुशील के भाई रामप्रसाद का घर कुछ दूरी पर है। हल्ला हुआ तो सुशील के भतीजे अंकित और सतीश भी आ गए। परिजनों और ग्रामीणों ने घर से भाग रहे चोरों का पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे फिर से दबोच लिया। पीछा करते हुए अंकित पुत्र रामप्रसाद ने चोर को पकड़ा। तब चोर मुन्नीलाल ने अंकित पर चाकू से वार कर दिया। चाकू अंकित की गर्दन पर लगा। जिससे वह जख्मी हो गया। छोटे भाई को जख्मी देख सतीश ने चोर को दबोचने की कोशिश की तो चोर ने सतीश को भी चाकू मारकर जख्मी कर दिया। इस बीच गांव के तमाम लोग मौके पर आ गए। ग्रामीणों की पिटाई से चोर मुन्नूलाल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक चोरों की संख्या तीन थी। जिनमें से दो चोर भागने में कामयाब रहे।

पब्लिक मुठभेड़ में मारे गए बदमाश पर गैंगेस्टर समेत 35 केस

राजापुर में ग्रामीणों के हत्थे चढ़ा बदमाश मुन्नीलाल शातिर किस्म का अपराधी था। जिस पर खमरिया, ईसानगर, फूलबेहड़, नीमगांव थानों में 35 मुकदमे दर्ज थे। 2010 में पहला मुकदमा लिखा गया। 2011 में उस पर गैंगेस्टर भी लग गया था। पुलिस के मुताबिक मारे गए बदमाश की हिस्ट्रीशीट खुल चुकी थी। जो मौजूदा समय में जमानत पर था। राजापुर में चोरी की वारदात के दौरान ग्रामीणों द्वारा मौत के घाट उतारा गया बदमाश मुन्नीलाल क्षेत्र में हुई चोरी की कई बड़ी वारदातों में शामिल था। खमरिया थानाध्यक्ष निर्मल तिवारी ने बताया कि मुन्नीलाल पर खमरिया समेत अन्य थानों में करीब 35 मुकदमे दर्ज थे। उन्होने बताया कि कुछ समय पहले मुन्नीलाल को खमरिया पुलिस ने आर्म्स एक्ट जेल भेजा था। उस मामले में जमानत पाकर मुन्नीलाल फिर से आपराधिक वारदातों को अंजाम देने में जुट गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि वारदात के दौरान मौजूद रहे मुन्नूलाल के साथियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

गांजर में चोरों की खैर नहीं, पब्लिक ने पकड़ा तो मार ही गिराया

-गांजर में जब भी बदमाशों की ग्रामीणों से मुठभेड़ हुई। तब यहां के ग्रामीण बदमाशों पर भारी पड़े। ताज़ा मुठभेड़ में राजापुर के लोगों ने घर में घुसे चोर को मौत के घाट उतार दिया। इससे पहले सधुआपुर, बेलागढ़ी,पकरिया,खमरिया और गुलरिया गांव में भी बदमाश ढेर किये जा चुके हैं।

- 13 मार्च 2025-ईसानगर थाना क्षेत्र के सधुआपुर गांव में बसंत लाल के घर में चोर घुस आए। बसंत की पत्नी श्रीदेवी ने कमरे की कुंडी लगाकर एक चोर को कमरे में बंद कर दिया। बाद में परिजनों और ग्रामीणों की पिटाई से चोर की मौत हो गई।

- 7 अप्रैल 2019: बेलागढ़ी गांव के मजरा टेकी गौढ़ी गांव में सूबेदार विश्वकर्मा के घर घुसे बदमाशों ने उसके भाई किशोरी लाल के टोंकने पर फायर झोंक दिया था। फायर की आवाज और शोर सुनकर मौके पर जमा हुए ग्रामीणों ने दो बदमाशों को पीट पीट कर मार डाला।

-15 अगस्त 2017: रात पकरिया गांव में किसान रामदास मिश्रा ने अपनी लाइसेंसी रायफल से घर मे घुसे बदमाश को ढेर कर दिया था।

-14 अगस्त 2017: पकरिया निवासी रामदास मिश्रा पुत्र प्रभु दयाल मिश्रा के घर की दक्षिणी दीवार में नकब लगाकर बदमाश भीतर दाखिल हो गए। दिनेश ने छत ही छत जाकर दूसरे घर मे सो रहे अपने चाचा रामदास को जगाया। जिन्होंने दिनेश के साथ छत के एक कोने से मोरचा सम्भाल लिया। तब रामदास और दिनेश ने बदमाशों को ललकारा। इस पर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग करते हुए रामदास ने अपनी लाइसेंसी रायफल से एक बदमाश को मौके पर ही मार गिराया था।

-03 अगस्त 2017: खमरिया में दिवाकर त्रिवेदी ने भी घर मे घुसे बदमाश को गोली मार दी थी। घर मे आदमियों के नाम पर सिर्फ दो लोग थे। जिनको भी बदमाशों ने कमरों में बन्द कर दिया। पर यह घर के मुखिया की दिलेरी ही थी जो पौन दर्जन बदमाशों से अपनी दोनाली बन्दूक लेकर न सिर्फ जूझते रहे। बल्कि एक बदमाश को अपना निशाना भी बनाया।

-19 मार्च 1994: रात करीब एक बजे दिवाकर त्रिवेदी के घर में बदमाश घुस आए। भनक लगते ही घर मे मौजूद संवर्त त्रिवेदी ने गोली मारकर एक बदमाश को ढेर कर दिया था। बदमाशों के साथी उसे उठाकर ले गए और मरा देख उसे एक खेत मे छोड़ गए। चौथे दिन धान के खेत से बदमाश की लाश बरामद हुई। जिसकी पहचान नीलू निवासी लाखुन थाना ईसानगर के तौर पर हुई। नीलू पर कई मामले ईसानगर थाने में दर्ज थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या चोर का नाम क्या था?
चोर का नाम मुन्नीलाल था।

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