After spending crores the health of the parks deteriorated - करोड़ों खर्च करने के बाद पार्कों की सेहत खराब DA Image

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करोड़ों खर्च करने के बाद पार्कों की सेहत खराब

करोड़ों खर्च करने के बाद पार्कों की सेहत खराब

1 / 3किसी शहर की सेहत और सौंदर्य में निखार वहां के पार्कों से आता है लेकिन शहर के पार्कों की सेहत ही खराब है। शहर में नगर पालिका के 18 पार्क हैं लेकिन पिछले दो वर्षों में पांच पार्क ही विकसित हो पाए हैं।...

करोड़ों खर्च करने के बाद पार्कों की सेहत खराब

2 / 3किसी शहर की सेहत और सौंदर्य में निखार वहां के पार्कों से आता है लेकिन शहर के पार्कों की सेहत ही खराब है। शहर में नगर पालिका के 18 पार्क हैं लेकिन पिछले दो वर्षों में पांच पार्क ही विकसित हो पाए हैं।...

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3 / 3किसी शहर की सेहत और सौंदर्य में निखार वहां के पार्कों से आता है लेकिन शहर के पार्कों की सेहत ही खराब है। शहर में नगर पालिका के 18 पार्क हैं लेकिन पिछले दो वर्षों में पांच पार्क ही विकसित हो पाए हैं।...

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किसी शहर की सेहत और सौंदर्य में निखार वहां के पार्कों से आता है लेकिन शहर के पार्कों की सेहत ही खराब है। शहर में नगर पालिका के 18 पार्क हैं लेकिन पिछले दो वर्षों में पांच पार्क ही विकसित हो पाए हैं। आवास विकास कालोनी के सभी पार्कों की स्थिति बदहाल है।

करोड़ों रूपये खर्च होने के बाद भी शहर के लोगों को पार्कों का लाभ नहीं मिल पा रहा है।शहर में हरे भरे पार्क लोगों की सेहत के लिए भी जरूरी होते हैं। हालांकि कुछ पार्क ऐसे हैं जिनका सौंदर्यीकरण कराया गया है इनमें लोग सुबह टहलने जाते हैं। हरियाली और सुबह की स्वच्छ हवा से लोग सुबह तरोताजा महसूस करते हैं लेकिन शहर की हालत यह है कि एक दो बस्तियां छोड़ शहर में पार्क हैं ही नहीं। मोहल्ले कुछ इस तरह से बसाए गए हैं कि उनमें पार्क बनाने की जगह ही नहीं है। नगरपालिका काफी समय से कह रही है पटेल नगर में पार्क बनाने के लिए लेकिन इसकी अभी तक शुरुआत ही नहीं हुई है। पिछली योजना में एक करोड़ सत्तासी लाख से सात पार्क विकसित करने का प्रस्ताव हुआ था। इसमें अभी तक शास्त्री नगर, सुभाषपार्क, संकटा प्रसाद वाजपेयी पार्क पटेल नगर और गांधी उद्यान शामिल हैं लेकिन किसी भी पार्क में सौंदर्यीकरण दिखाई नहीं देता है।

बहदाल स्थिति में हैं आवास विकास के पार्क

आवास विकास कालोनी में एलआईसी के पीछे पार्क में पिछले महीने कार्य शुरू हुआ था फिर बंद हो गया पार्क की बाउंड्री बन गई है। मिट्टी बेतरतीब पड़ी है। इसमें पहले मोहल्ले के लोग कूड़ा डालना शुरू कर दिया था। अब फिर से पार्क का कार्य शुरू कराया गया है। हालांकि नगर पालिका की अमृत योजना की प्रभारी प्रिया मिश्रा ने बताया कि अमृत योजना में आवास विकास के पार्क नहीं लिए जा सकते इसी लिए वहां कार्य नहीं कराया जा सका।

हर मोहल्ले में होने चाहिए पार्क

वैसे तो पर्यावरण और लोगों को शुद्ध वातावरण मिल सके इसके लिए हर मोहल्ले में पार्क होने चाहिए लेकिन शहर के तमाम मोहल्लों में पार्क के लिए जगह नहीं होने से वहां पार्क क्या पेड़ पौधे तक नहीं हैं सड़कें भी इतनी चौड़ी नहीं है कि पोधरोपण ही कराया जा सके ऐसे में जो पार्क हैं उन्हें ही विकसित किया जा सकता है।

पार्कों में भरा है पानी

आवास विकास कालोनी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क में झूले आदि तो लगे हैं यहां लोग सुबह टहलने भी जाते हैं लेकिन पार्क में कई जगह जमीन समतल नहीं है। झूले लगे हैं वहां पर झूलों के नीचे पानी भरा है। जमीन में काई लगी है ऐसे में बच्चे झूलों के करीब जाने से डरते हैं। इनमें अगर मिट्टी डलवाकर भूमि समतल करादी जाए तो बच्चों के गिरने का खतरा कम हो जाएगा।

अमृत योजना में होना है सौंदर्यीकरण

शहर में नगर पालिका अमृत योजना के तहत पार्कों का सौंदर्यीकरण कराती है। इसमें पिछले वर्ष सात पार्कों को लिया गया था। इसमें नगर पालिका के अनुसार पांच पार्कों को अभी तक विकसित किया गया है। यह कार्य इतना धीमे गति से हो रहा है कि अगर इसी गति से कार्य हुआ तो सभी अठारह पार्क विकसित होने में कई वर्ष लग जाएंगे।

बचे पार्को के लिए इस वर्ष होगा प्रस्ताव

शहर को हरा भरा बनाने के लिए नगर पालिका पूरी योजना के साथ कार्य कर रही है। करीब सात पार्क पूरी तरह से विकसित हो गए हैं। जिन पार्कों का सौंदर्यीकरण अभी तक नहीं हुआ है उनके लिए भी बैठक में प्रस्ताव किया जाएगा। अमृत योजना में शहर के सभी पार्कों का सौंदर्यीकरण किया जाना है। समय तो लगता ही है लेकिन शहर को खूबसूरत बनाने की दिशा में कार्य चल रहा है। जल्दी ही सभी पार्कों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।

आरआर अम्बेश, ईओ नगर पालिका

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