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2005 के बाद नियुक्त टीचरों को देना होगा पीपीएफ एकाउंट

2005 के बाद नियुक्ति पाए सभी टीचरों को अब अपना पीपीएफ एकाउंट खुलवाना जरूरी होगा। इन टीचरों के एरियर का पैसा अब उनके पीपीएफ एकाउंट में जमा होगा। जिससे इन टीचरों की सेविंग कंपलीट रहे। वित्त एवं लेखाधिकारी ने इसके लिए सभी बीईओ को पत्र लिखकर 2005 के बाद नियुक्ति पाए टीचरों का पीपीएफ खाता खुलवाकर उसका खाता नम्बर कार्यालय में भिजवाने को कहा है। नई पेंशन नीति लागू होने के बाद 2005 से नियुक्ति पाए टीचरों को अब बचत के लिए पीपीएफ एकाउंट खुलवाना होगा। बताया जाता है कि इन टीचरों का जीपीएफ नहीं कटता है। एरियर का जो पैसा जीपीएफ में जाना चाहिए उसमें तमाम व्यवहारिक दिक्कतें आ रही हैं। इसी को देखते हुए लेखा विभाग ने ऐसे टीचरों के जीपीएफ मद का पैसा उनके पीपीएफ खातों में भेजने का फैसला किया है। वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक डीपी सिंह ने बताया कि इसके लिए सभी बीईओ को पत्र लिखा जा रहा है कि अपने ब्लॉक के उन सभी टीचरों का पीपीएफ एकाउंट खुलवाकर खाता नम्बर विभाग को दें जिनकी नियुक्ति 2005 के बाद की है। इससे उनके एरियर का पैसा उनके पीपीएफ एकाउंट में जमा कराया जा सके।बाक्सपैन का नए सिरे से होगा सत्यापन-मितौली, बेहजम समेत कई ब्लॉकों से शिकायतें आ रही हैं कि टीचरों के सेलरी डाटा में उनके पैन नम्बर गलत हैं। इसकी वजह से उनके वेतन से काटे गए आयकर को जमा करने में दिक्कतें आ रही हैं। लेखाधिकारी ने बताया कि टीचरों की भारी संख्या को देखते हुए अब बीईओ के जरिए ब्लॉक वाइज टीचरों के पैन नम्बर व उसकी छायाप्रति मांगी जा रही है। जिससे पैन डाटा पूरी तरह सही हो जाए और आयकर भुगतान हो जाए।

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  • Web Title:After 2005, the teachers appointed should give PPF account