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23 जनवरी, 2021|7:07|IST

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75 मिमी बारिश हुई, धान की फसल बर्बाद

75 मिमी बारिश हुई, धान की फसल बर्बाद

बुधवार की शाम को मौसम ने अचानक करवट बदली। तेज हवाओं के साथ काले बादल छा गए। रात भर झमाझम बारिश होती रही। इससे गर्मी से तो लोगों को राहत मिली लेकिन किसानों को इस बारिश ने बेहाल कर दिया। खेतों में धान की फसल तैयार हो रही है। फसल में बालियां आने के बाद यह पकने की कगार पर है।

बारिश के साथ तेज हवाओं से फसल खेतों में बिछ गई। पानी भरने से फसल बर्बाद हुई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं शहरी क्षेत्र में भी गलियां तालाब बन गईं। पानी भरने से आवागमन में दिक्कत हुई। गुरुवार की दोपहर तक रुक-रुक कर बरसात होती रही।बुधवार की शाम से आसमान में बादल छा गए। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश रात भर होती रही। बनबसा बैराज पर बारिश सुबह आठ बजे तक 75 मिलीमीटर दर्ज की गई। बारिश से शारदा व घाघरा नदी का जलस्तर भी कुछ बढ़ गया। हालांकि ये खतरे के निशाने से नीचे है। बारिश से खेत खलिहान लबालब हो गए। इस बारिश से गर्मी से तो निजात मिली है लेकिन किसानों को इससे भारी नुकसान हुआ है। किसानों की धान की फसल खेतों में तैयार होने की कगार पर है। बालियां आने के बाद अब फसल पक रही थी। बारिश और तेज हवाओं से फसल खेतों में गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल के ऊपर पानी भरने से सड़ने का डर है। वहीं अब इसमें चूहे आदि भी नुकसान पहुंचाएंगे। इससे भारी नुकसान हुआ है। वहीं सरसों, सहित अन्य फसलों को भी इस बरसात से नुकसान हुआ है। उधर शहरी क्षेत्र में मोहल्लों में खाली पड़े प्लाट तालाब बन गए। निचले मोहल्लों में गंगोत्रीनगर कालोनी, शिवकालोनी, गोटैयाबाग सहित अन्य मोहल्ले की गलियां तालाब नजर आई। लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। गुरुवार की शाम तक आसमान में बादल छाए रहे। हालांकि दोपहर बाद बारिश कुछ थम गई। जिला कृषि अधिकारी सत्येन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस बारिश से धान की फसल को नुकसान हुआ है। धान की फसल पक रही थी, ऐसे समय फसल जड़ से खेतों में गिर जाने से इसका असर उत्पादन पर पड़ेगा।