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बाघों की खातिर 500 किमी पैदल चले अफसर

बाघों की खातिर 500 किमी पैदल चले अफसर

ग्लोबल टाइगर डे पर दुधवा नेशनल पार्क में लांग रूट पेट्रोलिंग की शुरुआत रविवार से हो गई। टाइगर डे को खास अंदाज में मनाने के लिए पार्क प्रशासन इस बार 500 किलोमीटर पैदल गश्त की। इस गश्त में टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर से लेकर फारेस्ट गार्ड तक शामिल होंगे। इससे पहले दुधवा नेशनल पार्क में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें डब्यूआईआई देहरादून के लोगों ने बाघों के संरक्षण को लेकर कई टिप्स अधिकारियों को दिए।

29 जुलाई को पूरे विश्व में ग्लोबल टाइगर डे मनाया जाता है। हर साल इस पर कई प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। साथ ही बाघों के संरक्षण के लिए कई अहम कदम उठाने की प्लानिंग ही तैयार की जाती है। इस बार यूपी के इकलौते नेशनल पार्क दुधवा में ग्लोबल टाइगर को खास अंदाज में मनाया गया। पार्क के निदेशक रमेश कुमार पांडे का कहना है कि बाघों के संरक्षण के लिए सबसे पहला कदम उनकी निगरानी और उनको सही वातावरण उपलब्ध कराना है। जब तक यह संभव नहीं हो जाता, तब तक बाघों के संरक्षण के नाम पर कुछ भी करने से पॉजिटिव नतीजे हासिल नहीं होंगे। इसलिए इस बार पार्क प्रशासन अपने कर्मचारियों के भीतर बाघ संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने निकला है। इसी का एक हिस्सा लॉन्ग रूट पेट्रोलिंग है। निदेशक रमेश कुमार पांडे ने दुधवा में आयोजित वर्कशॉप में बताया फॉरेस्ट गार्ड से लेकर हर अधिकारी को मालूम होना चाहिए कि बाघ का कौन सा क्षेत्र है। हमारा प्रयास होना चाहिए बाघ को उसके नम्बर से पहचानते हो। जिससे हमको मालूम चलता रहेगा कि किस इलाके में बाघ की मौजूदगी है और अगर वहां कहीं कोई ऐसी चीज है तो उसे हम कम कर सकेंगे। उससे पहले वाइल्डलाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया अधिकारियों ने ड्रोन कैमरे से निगरानी के टिप्स बताए। निदेशक रमेश कुमार पांडे ने बताया कि 30 टीमों ने रविवार को 500 किलोमीटर तक गश्त की है।

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  • Web Title:500 km of pedestrians for the tigers