कटान से आजिज ग्रामीणों ने शुरू किया जल सत्याग्रह आंदोलन villagers started the Water Satyagraha movement - कटान से आजिज ग्रामीणों ने शुरू किया जल सत्याग्रह DA Image

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कटान से आजिज ग्रामीणों ने शुरू किया जल सत्याग्रह

कटान से आजिज ग्रामीणों ने शुरू किया जल सत्याग्रह

धौरहरा तहसील के सरैयां गांव में कटान पीड़ितों ने जल सत्याग्रह ग्रामीणों ने जलसमाधि लेने की ठान ली है। गांव के करीब 25 लोगों ने घाघरा के पानी मे खड़े होकर मंगलवार को जल सत्याग्रह शुरू कर दिया। एसडीएम धौरहरा और बाढ़ खण्ड शारदा नगर के अधिशासी अभियन्ता घाघरा घाट तक तो पहुंचे पर घाघरा की तेज लहरों की वजह से आन्दोलन कर रहे लोगों तक नहीं पहुंच पाए। उधर जल आंदोलन कर रहे लोग इस दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।धौरहरा तहसील क्षेत्र के सरैंया कलां गांव में घाघरा तेज़ी से कटान कर रही है। जिससे लोगों में गुस्सा बढ़ता गया। यह नाराजगी तब ज्यादा बढ़ गई जब सरैंया के ग्रामीणों के घर कटने लगे। मंगलवार की सुबह गांव के 25 लोग घाघरा की तेज लहरों से जूझते हुए बीच धारा में खड़े हो गए। इन लोगों की मांग है कि सरैंया गांव को बचाने की कोशिशें तत्काल शुरू की जाएं। दोपहर तक जब कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके तक पहुंचा तो आन्दोलन कर रहे लोग और भड़क गए। जल आंदोलन कर रहे लोग आक्रोशित होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। दोपहर करीब दो बजे एसडीएम धौरहरा घनश्याम त्रिपाठी और बाढ़ खण्ड शारदानगर के अधिशासी अभियंता वीके सिंह सरैंया गांव पहुंचे और ग्रामीणों को भरोसा दिया कि कटान से गांव को हर हाल में बचाया जाएगा। एसडीएम ने आंदोलनकारियों से वापस लौटने की अपील की। मगर उन पर अपील का कोई फर्क नहीं पड़ा। मोबाइल से पहुंचाया संदेशएसडीएम ने मोबाइल फोन के जरिए आंदोलन कारियों से वार्ता की। मगर आंदोलन कारी लोग तब तक वापस लौटने को तैयार नहीं हुए। जल आंदोलन कर रहे लोग इस बात पर अड़े रहे कि जब तक यहां बचाव की दिशा में काम शुरू नहीं होगा। तब तक वापसी नहीं करेंगे। घाघरा की बीच धारा में बैठे लोगों ने जमीन और घरों के मुआवजे की भी मांग की जिसे एसडीएम ने मानते हुए अतिशीघ्र मुआवजा राशि देने का भरोसा दिया। आखिर काम शुरूबाढ़ खण्ड के अफसरों ने अपने खिलाफ माहौल बनता देख एक जीओ बैग मंगवाकर सरैंया गांव के सामने डालने की कवायद शुरू कर दी। कटान स्थल के कुछ आगे पीछे पहले से ही दो जीओ बैग घाघरा में पड़े हैं। सरैंया गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि आस्पास के गांवों में जहां कटान नहीं हो रहा है। वहां तो बाढ़ खण्ड ने काम कराया। मगर सरैयां गांव में जहां कटान हो रहा है। वहां काम न कराकर अफसर सौतेला व्यवहार कर रहे हैं।

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