
सुरक्षित इंटरनेट व एआई के इस्तेमाल को कार्यशाला में किया जागरूक
Kushinagar News - पडरौना, निज संवाददाता। कुशीनगर के विकास भवन सभागार में सुरक्षित इंटरनेट डेर पर मंगलवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कुशीनगर में सुरक्षित
पडरौना, निज संवाददाता। कुशीनगर के विकास भवन सभागार में सुरक्षित इंटरनेट डेर पर मंगलवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कुशीनगर में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सुरक्षित एवं जिम्मेदार प्रयोग को लेकर एक जनपद स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी एवं तकनीकी कार्मिकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का उद्देश्य आमजन एवं शासकीय अधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग, साइबर खतरों की पहचान तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम के दौरान जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनीष कुमार ने कार्यशाला के सभी निर्धारित बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जानकारी दी गई। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में इंटरनेट, मोबाइल एप्लीकेशन एवं एआई आधारित सेवाएं दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन चुकी हैं। ऐसे में फिशिंग ई-मेल/मैसेज, ओटीपी एवं यूपीआई फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाएं, फेक कस्टमर केयर, रिमोट एक्सेस स्कैम, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड तथा डीपफेक जैसे एआई आधारित साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने इन सभी साइबर अपराधों के तौर-तरीकों, पहचान के संकेतों एवं उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। कार्यशाला में यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड, बैंक विवरण अथवा व्यक्तिगत जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति से साझा न करें। संदिग्ध लिंक, फर्जी वेबसाइट, आकर्षक ऑफर अथवा दबाव बनाकर की जाने वाली कॉल से सतर्क रहने की अपील की गई। साथ ही यह बताया कि सरकारी विभाग अथवा बैंक कभी भी वीडियो कॉल के माध्यम से गिरफ्तारी या भुगतान की मांग नहीं करते। साइबर अपराध की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के महत्व पर बल देते हुए बताया कि पीड़ित व्यक्ति तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें अथवा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें, जिससे समय रहते वित्तीय नुकसान को रोका जा सके। कार्यक्रम में साइबर हाइजीन के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित लोगों को मजबूत एवं अलग-अलग पासवर्ड के उपयोग, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाने, केवल अधिकृत ऐप स्टोर से ही एप डाउनलोड करने, समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट रखने तथा सार्वजनिक वाई-फाई के सुरक्षित उपयोग के संबंध में जागरूक किया गया। इस अवसर पर परियोजना निदेशक पीयूष, जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक प्रियदर्शी, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी श्रवण कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी सुनील कुमार यादव आदि जनपद स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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