ओवरब्रिज की साइड लेन बनी दोहरी मुसीबत, बजट के इंतजार में अटका निर्माण
कुशीनगर। कप्तानगंज में ओवरब्रिज बनने के बाद लोगों को सुगम आवागमन की उम्मीद थी,

कुशीनगर। कप्तानगंज में ओवरब्रिज बनने के बाद लोगों को सुगम आवागमन की उम्मीद थी, लेकिन पुल के दोनों किनारों पर अधूरी छोड़ी गई साइड लेन अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। बरसात के दिनों में जलभराव और गर्मी के मौसम में उड़ती धूल ने लोगों के सामने दोहरी मुसीबत खड़ी कर दी है। मामूली बारिश होते ही सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं, जबकि पानी सूखने के बाद पूरे दिन धूल का गुबार लोगों को परेशान करता है।ओवरब्रिज के किनारे बनाई गई नालियों का ढलान सही दिशा में नहीं होने के कारण बरसाती पानी और नालियों का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है।
पिछले सप्ताह हुई बारिश के दौरान पुल के दोनों ओर घुटनों तक पानी भर गया था, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर पानी घरों और आसपास की कॉलोनियों तक पहुंच गया। जलभराव खत्म होने के बाद साइड लेन धूल प्रदूषण की चपेट में आ जाता है। सुबह छह बजे से रात दस बजे तक उड़ने वाली धूल दुकानदारों, राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि दिनभर धूल के बीच बैठकर कारोबार करना मजबूरी बन गया है। वहीं, घरों में साफ-सफाई करने के कुछ ही घंटों बाद फिर वही स्थिति पैदा हो जाती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि साइड लेन के साथ बनाई गई नाली का निर्माण पुराने नक्शे के आधार पर किया गया था। नक्शे में जिस पुलिया के माध्यम से पानी निकासी दिखाई गई थी, वहां अब दोनों ओर प्लॉटिंग और मकानों का निर्माण हो चुका है। ऐसे में पानी के निकलने का रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है। परिणामस्वरूप बारिश का पानी सड़क पर जमा होकर जलभराव की समस्या पैदा करता है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की सहायक अभियंता शांभवी तिवारी ने बताया कि साइड लेन निर्माण के लिए प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष पहले उपलब्ध कराए गए नक्शे के अनुसार नाली बनाई गई थी, लेकिन बाद में पुलिया का रास्ता अवरुद्ध हो जाने से जलनिकासी की समस्या उत्पन्न हो गई है।--------पांच वर्षों से पंपसेट लगाकर निकाला जाता है पानी :ओवरब्रिज निर्माण के दौरान से ही जलभराव की समस्या बनी हुई है। पिछले पांच वर्षों में कई बार सड़क पर पानी जमा हुआ, लेकिन स्थायी समाधान के बजाय हर बार पंपसेट लगाकर पानी निकाला जाता रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश होने पर अस्थायी व्यवस्था कर दी जाती है, लेकिन समस्या की जड़ तक पहुंचने का प्रयास नहीं हुआ। ओवरब्रिज बनने के बाद मुख्य यातायात पुल के ऊपर स्थानांतरित हो गया है, जबकि नीचे स्थित पुराना बाजार लगातार प्रभावित हो रहा है। जलभराव, टूटी सड़क और धूल की समस्या के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। कभी दिनभर चहल-पहल से भरा रहने वाला यह इलाका अब पहले की तुलना में काफी शांत नजर आने लगा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही साइड लेन और जलनिकासी व्यवस्था का निर्माण नहीं हुआ तो क्षेत्र की समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
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