स्मार्ट मीटर से बढ़े बिल पर बिजली विभाग का स्पष्टीकरण
Kushinagar News - कुशीनगर में स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिलों की शिकायतों पर विद्युत विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग में कोई अंतर नहीं है। पुराने मीटर में संचित यूनिट का एक साथ जुड़ना उच्च बिल का कारण है, लेकिन उपभोक्ताओं को केवल वास्तविक खपत का भुगतान करना होगा।
कुशीनगर। जिले में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े हुए बिजली बिल की शिकायतों पर विद्युत विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। अधीक्षण अभियंता राकेश मोहन ने बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई गई, जिसमें पाया गया कि स्मार्ट मीटर और साथ लगाए गए चेक मीटरों की रीडिंग में कोई अंतर नहीं है। सभी 3200 मीटरों में यूनिट खपत समान दर्ज की गई है। बुधवार को अधीक्षण अभियंता राकेश मोहन ने कहा कि अधिक बिल आने का मुख्य कारण पुराने सामान्य मीटर में संचित यूनिट का एक साथ स्मार्ट मीटर में जुड़कर आना है। यह प्रक्रिया केवल एक बार होती है, जिसके चलते शुरुआती बिल अधिक प्रतीत हो सकता है।
इसके बाद उपभोक्ताओं को केवल वास्तविक खपत के अनुसार ही भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड प्रणाली की तरह इस्तेमाल करने की सुविधा दी गई है, जिससे उपभोक्ता पूर्व की भांति मासिक बिल जमा कर सकते हैं।विभाग के अनुसार स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को कई फायदे मिलते हैं। इनमें बिजली खपत की दैनिक जानकारी, रीडिंग में पारदर्शिता, मोबाइल ऐप के जरिए रिचार्ज की सुविधा, एसएमएस अलर्ट और आकस्मिक क्रेडिट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही कुछ श्रेणियों में बिजली दरों में भी लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत के लिए उपभोक्ता 24 घंटे टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।
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