
साक्षात प्रभु श्रीराम का स्वरूप है रामचरितमानस
Kushinagar News - कुशीनगर, हिटी। मड़ार बिंदवलिया के नौका टोला के छोटी गंडक नदी के तट पर
कुशीनगर, हिटी। मड़ार बिंदवलिया के नौका टोला के छोटी गंडक नदी के तट पर स्तिथ प्राचीन शिव मंदिर भभुति कुटी परिसर में नौ दिवसीय रूद्र महायज्ञ के दूसरे दिन कथा वाचक ने यज्ञ की विशेषता व श्रवण कुमार की कथा से श्रोताओं को रसपान कराया। कथा वाचक पंडित सत्य रामनयन व्यास ने रामचरितमानस की माहिमा में यज्ञ की विशेषता का भी वर्णन किया। देश में विकराल से विकराल संकट आने पर देवी देवताओं ने यज्ञ कराया और संकट से मुक्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस कोई किताब नहीं है यह साक्षात प्रभु श्रीराम का स्वरूप है। रामायण के अयोध्याकांड में इनकी कथा का उल्लेख है।
श्रवण अपने प्यासे माता-पिता के पीने के लिए जल किसी जलाशय से लेने गये थे, तभी अयोध्या के राजा दशरथ भी वहां शिकार खेलने पहुंचे थे। दशरथ ने समझा कोई हाथी जल पी रहा है और इसी भ्रम में उन्होंने शब्दभेदी बाण चला दिया, जिससे श्रवण कुमार की मृत्यु हो गई। श्रवण की माता ज्ञनवति व पिता शांतनु ने उसी समय अयोध्या के राजा दशरथ को श्राप दिया की तुम्हारे भी पुत्र की वियोग में मृत्यु निश्चित है। कथा के दौरान आचार्य राम पांडेय, पुजारी, मोती यादव, यज्ञ यजमान हीरा यादव, बिन्दु देवी, ग्राम प्रधान रविन्द्र यादव, अवधेश यादव, गोमल यादव, उदयभान यादव, महादेव यादव , रासवारे कुशवाहा, रामाशंकर राजभर, रामानंद राजभर आदि मौजूद रहे।

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