Kushinagar News: जिले में बढ़े वायरल फीवर के मरीज, सोमवार से होगी इन्फ्लूएंजा की जांच
Kushinagar News: कुशीनगर में मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंडक के कारण बुखार, सर्दी, खांसी और शरीर में दर्द जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। चिकित्सक ने बिना सलाह दवा लेने से बचने की सलाह दी है।

Kushinagar News: कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। दिन में तेज धूप और गर्मी के बीच सुबह-शाम ठंडक रहने से वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इन दिनों बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
बुखार और सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या में वृद्धि
पिछले कुछ दिनों से ओपीडी में बुखार के साथ सर्दी, खांसी, सिरदर्द, गले में खराश और बदन दर्द की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बदलते मौसम की चपेट में आ रहे हैं। कई मरीजों में दो से तीन दिनों तक बुखार रहने के साथ कमजोरी और शरीर में दर्द की शिकायत सामने आ रही है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि तापमान में अचानक बदलाव होने से शरीर को वातावरण के साथ सामंजस्य बैठाने में परेशानी होती है। दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंडक के कारण वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ना सामान्य है। अधिकांश मरीजों में वायरल संक्रमण के सामान्य लक्षण मिल रहे हैं और उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार भी हो रहा है।
इन्फ्लूएंजा और चिकित्सकीय सलाह
इधर, मौसम बदलने के साथ इन्फ्लूएंजा को लेकर भी अस्पताल प्रशासन सतर्क है। इन्फ्लूएंजा से मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीज भी ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और कमजोरी प्रमुख हैं। हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर इन्फ्लूएंजा की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए जांच जरूरी है। शुक्रवार को इन्फ्लूएंजा जांच की किट मेडिकल कॉलेज पहुंच गई है। अब सोमवार से मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीजों की जांच शुरू की जाएगी। डॉ. चौधरी ने लोगों को बिना चिकित्सकीय परामर्श के बुखार या सर्दी-खांसी की दवा लेने से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सामान्य वायरल और अन्य संक्रमण के लक्षण कई बार एक जैसे दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में मरीजों को स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में बुखार लंबे समय तक रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।


