Kushinagar News: पौधरोपण के बाद संरक्षण करना भूले, अब सूख रहे पौधे
Kushinagar News: कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक

Kushinagar News: कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने बड़े उत्साह के साथ पौधरोपण किया। कई लोगों ने अपनी मां, जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ और प्रियजनों के नाम पर पौधे लगाकर सोशल मीडिया पर तस्वीरें भी साझा कीं। लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या अभियान केवल पौधे लगाने और फोटो खिंचवाने तक सीमित होकर रह गया है या उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाई जा रही है। पौधरोपण के बाद उन पौधों का संरक्षण करना ही जिम्मेदार भूल गए हैं। ऐसे में अब पौधे या तो सूख रहे हैं या फिर पशु उसे चर जा रहे हैं।
पौधों की देखभाल की स्थिति
सेवरही क्षेत्र के कई स्थानों पर लगाए गए पौधे पानी और नियमित देखभाल के अभाव में सूखने लगे हैं। कई पौधे ट्री-गार्ड नहीं होने के कारण आवारा पशुओं और बकरियों का चारा बन गए। ऐसे में लाखों पौधे लगाने के दावों की सफलता तभी मानी जाएगी, जब वे आने वाले वर्षों में विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें। सेवरही क्षेत्र के सरगटिया करन पट्टी पौधशाला से इस वर्ष करीब 98 हजार पौधों का वितरण किया गया है। इनकी देखभाल की जिम्मेदारी ग्रामसभा स्तर पर तय की गई है। वन विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधरोपण नहीं, बल्कि पौधों को सुरक्षित रखकर वृक्ष बनाना भी है। रेंजर रणविजय सिंह ने बताया कि विभाग पौधों की निगरानी कर रहा है, लेकिन उनकी सुरक्षा और देखभाल में स्थानीय लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
स्थानीय लोगों की भागीदारी
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी संभव है, जब हर व्यक्ति लगाए गए पौधे को जीवित रखने का संकल्प ले। पौधा लगाना पहला कदम है, जबकि उसे वृक्ष बनाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल के बिना हरियाली का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। ऐसे में संरक्षण को लेकर लोगों को भी आगे आने की जरूरत है।


