सांस के मरीजों को आईसीयू में ले जाने पर फूलने लगता है दम

Jan 29, 2026 09:33 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कुशीनगर
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Kushinagar News - कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के एल-2 में आईसीयू और गायनी मरीजों को लिफ्ट खराब होने से भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। प्रसव वाली महिलाओं और गंभीर मरीजों को सीढ़ियों से दूसरी और चौथी मंजिल तक ले जाना पड़ता है। लिफ्ट की मरम्मत के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन समस्या अभी तक हल नहीं हुई है।

सांस के मरीजों को आईसीयू में ले जाने पर फूलने लगता है दम

कुशीनगर। जनपद मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज के एल-2 में संचालित आईसीयू और गायनी के मरीजों को इलाज से पहले और उसके बाद तकलीफों से जूझना पड़ रहा है। वार्ड तक जाने में उनकी सांस फूलने लगती है, क्योंकि इसकी लिफ्ट महीनों से खराब है। परिजन प्रसव वाली महिलाओं को व्हीलचेयर या स्ट्रेचर पर लाद कर दूसरी व तीसरी मंजिल पर प्रसव कक्ष अथवा वार्ड में लेकर जाते हैं। इसी तरह सांस के बुजुर्ग अथवा क्रिटिकल मरीजों को भी चौथी मंजिल पर सीढ़ियों या रैंप से लेकर जाना पड़ता है। ऐसे में अंदाजा लगा सकते हैं कि मरीजों व तीमारदारों को कितना कष्ट झेलना पड़ता है।

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कोरोना काल के समय से मेडिकल कॉलेज के पांच मंजीला एल-2 को संचालित किया जा रहा है। कोविड काल में ही इसे एल-2 नाम दिया गया था, जहां जिले भर के कोरोना के मरीज भर्ती किए जाते थे। अब इसमें भूतल पर एमसीएच (मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ) विंग, पर्ची काउंटर, महिला ओपीडी, एचआईवी संक्रमित महिलाओं की जांच के लिए पीपीटीसीटी सेंटर, न्यूरो चिकित्सक की ओपीडी के अलावा दूसरी व तीसरी मंजिल पर प्रसव कक्ष, ओटी, प्रसव बाद महिलाओं को भर्ती करने के लिए वार्ड संचालित होता है। इसके बाद चौथी मंजिल पर 12 बेड का वेंटीलेटरयुक्त आईसीयू है, जिसमें सांस के मरीजों के अलावा गंभीर बीमारियों के मरीज भी भर्ती किए जाते हैं, चूंकि इस बिल्डिंग में ऐसे मरीजों का इलाज होता है, जिनके लिए सीढ़ियां या रैंप से जाना बहुत कठिन है, लेकिन लिफ्ट महीनों से खराब है। समस्या अभी भी जस की तस है। बोले जिम्मेदार लिफ्ट चलाने के लिए तीन फेज का कनेक्शन जरुरी है, लेकिन एल-2 में दो फेज का कनेक्शन है। इसके लिए अलग से ट्रांसफार्मर लगाने को बिजली निगम के एक्सईएन को 11 लाख रुपये भुगतान किया गया है। प्रयास किया जा रहा है कि एक सप्ताह के अंदर इसे चालू करा दिया जाए। वैसे भी आईसीयू अगले महीने से नई बिल्डिंग में शिफ्ट करा दिया जाएगा। एल-2 में सिर्फ गायनी विभाग रह जाएगा। - डॉ. आरके शाही प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज कुशीनगर

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