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31 हजार दीपों से जगमगाया बुढिया माता मंदिर परिसर का छठ घाट

31 हजार दीपों से जगमगाया बुढिया माता मंदिर परिसर का छठ घाट

संक्षेप: Kushinagar News - पडरौना, निज संवाददाता। रामनगरी अयोध्याधाम के ऐतिहासिक दीपोत्सव से प्रेरणा लेकर नगर पालिका परिषद पडरौना अध्यक्ष विनय जायसवाल ने छह वर्ष पूर्व संकल

Mon, 20 Oct 2025 01:25 AMNewswrap हिन्दुस्तान, कुशीनगर
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पडरौना, निज संवाददाता। रामनगरी अयोध्याधाम के ऐतिहासिक दीपोत्सव से प्रेरणा लेकर नगर पालिका परिषद पडरौना अध्यक्ष विनय जायसवाल ने छह वर्ष पूर्व संकल्प लिया था, जिसने आज पूरे नगर की पहचान बना दी है। उन्होंने मानस कॉलोनी स्थित श्री बुढ़िया माता मंदिर परिसर में नवनिर्मित छठ घाट पर दीपोत्सव मनाने की परंपरा की शुरुआत की थी। अब यह आयोजन अपने छठे वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस बार इसे और अधिक भव्यता एवं आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित कराया गया है। इसमें 31 हजार दीप प्रज्ज्वलित कर छठ घाट को सजाया गया। छठ घाट की झलकियां लोगों के मन को लुभा रही थीं।

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छह वर्ष पूर्व जब अयोध्या में दीपोत्सव का शुभारंभ हुआ, तब नपाध्यक्ष विनय जायसवाल ने यह पडरौना में भी ऐसा आयोजन करने का संकल्प लिया, जिससे नगरवासियों में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का संचार हो सके। उन्होंने इस विचार को साकार करते हुए छठ घाट पर दीपोत्सव की नींव रखी, जो अब पडरौना की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। स्थानीय नागरिकों ने इस आयोजन को नगर की गौरवशाली परंपरा बताते हुए कहा कि छठ घाट पर दीपोत्सव अब सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एकता, आस्था और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक बन चुका है। इसमें हर आयु वर्ग के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। नपाध्यक्ष ने बताया कि दीपोत्सव केवल दीये जलाने का पर्व नहीं है, यह हमारे भीतर के अंधकार को मिटाकर सकारात्मकता और प्रकाश का संचार करने का संदेश देता है। हमारा उद्देश्य है कि पडरौना भी अयोध्या की तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो और हमारी परंपराएं आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रहे। उन्होंने बताया कि इस आयोजन की तैयारी के लिए नगर पालिका की टीम और स्वयंसेवक मिलकर काम करते हैं। सफाई, सजावट, सुरक्षा और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं को लेकर विशेष ध्यान दिया जाता रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंदिर के प्रधान पुजारी वीरेंद्र जी ने बताया कि पुरातन काल में यहां बंजारों ने वनदेवी की पिंडियों की स्थापना की थी तथा इस स्थान पर मंदिर निर्माण तत्कालीन नपाध्यक्ष विनय जायसवाल ने करवाया था। इस अवसप पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष जायसवाल, ईओ संतराम सरोज, प्रियंका देवी, शकुंतला देवी, सरिता गुप्ता, रचना देवी, आभा देवी, सुशीला देवी, निक्की शर्मा, गुलाबी देवी, शालिनी देवी, सुदर्शन पाल, चंद्रप्रकाश दुबे, दीपक दुबे, अवधेश तिवारी, पारस मणि, सुभाष सिंह, राजेश सैनी, सुरेश चौरसिया, गौरव चौबे, लक्ष्मीकांत मिश्रा, ब्रजेश शर्मा, नीरज मिश्रा, भरत चौधरी, राजेश जायसवाल, अनूप गौड़, आयुष जायसवाल, प्रांजल शर्मा, सर्वेश उपाध्याय, श्याम जायसवाल, सतेंदर यादव, विनायक शर्मा, विनोद गुप्ता, सन्नी मिश्रा, मंथन सिंह, सिद्धार्थ, विनय मद्धेशिया, अरुण सिंह, चंचल चौबे, रामदरश शुक्ला, अमित तिवारी, काशी राजभर, प्रमोद मद्धेशिया सहित तमाम नगरवासी शामिल हुये।