
अस्पताल संचालक, इंचार्ज, डॉक्टर और आशा पर कार्रवाई की संस्तुति
Kushinagar News - कुशीनगर के गीतांजलि हॉस्पिटल में जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद एक महिला की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऑपरेशन में खामियों का पता चला। जांच टीम ने अस्पताल के संचालक और सर्जन के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। सीएमओ ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई है।
कुशीनगर। रामकोला के गीतांजलि हॉस्पिटल में जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद प्रसूता की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई तय है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने ऑपरेशन और उसके बाद प्रसूता की मौत के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की पोल खोल दी है। इसके अलावा पीड़ित पक्ष ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचकर जांच टीम के समक्ष सभी साक्ष्य शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत किया। जांच पूरी होने के बाद टीम ने अस्पताल संचालक, इंचार्ज, ऑनकाल आकर ऑपरेशन करने वाले सर्जन और मरीज को वहां पहुंचाने वाली आशा के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए अपनी आख्या डीएम को भेज दी है।

माना जा रहा है कि इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है। रामकोला थाना क्षेत्र के सोहरौना गांव के निवासी महेंद्र कुशवाहा की 30 वर्षीय पत्नी पूनम को प्रसव पीड़ा होने पर 21 नवंबर को जनपद मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। उसे एमसीएच विंग ले गए, जहां उसकी हालत गंभीर बताकर लौटा दिया गया। कहा जा रहा है कि अस्पताल के पास सक्रिय दलालों और आशा के झांसे में आकर उसे रामकोला कस्बे में संचालित गीतांजलि हॉस्पिटल में ले गए, जहां रात में महिला का ऑपरेशन कर दिया गया। महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया, लेकिन अगले दिन 22 नवंबर को दोपहर में प्रसूता की मौत हो गई। इस मामले में पूनम के देवर की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। घटना संज्ञान में आने पर सीएमओ डॉ. चंद्र प्रकाश ने डॉ. अवधेश कुशवाहा, डॉ. एसके विश्वकर्मा और डॉ. आनंद प्रकाश गुप्ता की तीन सदस्यीय टीम गठित की और तीन दिन के अंदर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। टीम ने अस्पताल पहुंचकर नोटिस चस्पा किया था, जिसमें निर्देश दिया था कि जांच पूरी होने तक अस्पताल में किसी प्रकार की चिकित्सकीय गतिविधि नहीं की जाएगी। टीम ने बुधवार को मृतका के घर पहुंचकर परिजनों का बयान लिया था। इसके बाद अस्पताल पहुंचकर संबंधित लोगों का बयान दर्ज किया। मृतका के परिजन सीएमओ कार्यालय पहुंचकर लिखित बयान देने की बात पर बोले थे और कहा था अपना बयान सीएमओ के समक्ष देंगे। गुरुवार को वे लोग सीएमओ कार्यालय पहुंचे। जांच टीम में शामिल डॉ. अवधेश कुशवाहा से मिले। कहा कि शपथ पत्र के साथ अपना बयान देंगे, लेकिन गुरुवार को दोबारा नहीं आए थे। शुक्रवार को पुन: जांच टीम के समक्ष प्रस्तुत हुए। नोटरी सहित सभी साक्ष्य दिखाए। जांच टीम की तरफ से बताया गया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की गई। पाया गया कि अस्पताल में क्लीनिकल एक्ट का पूरी तरह उल्लंघन किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि ऑपरेशन में भरपूर खामी मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि ऑपरेशन के बाद टांके में लीक के चलते महिला के पेट में 200 ग्राम से अधिक खून का थक्का जमा हुआ था। अत्यधिक रक्तस्राव से उसकी मौत हुई थी। इसलिए अस्पताल संचालक अरविंद शर्मा, इंचार्ज डॉ. मीरा शर्मा, ऑनकाल आकर महिला का ऑपरेशन करने वाले सर्जन डॉ. विकास मंडलोई और आशा मजहरुल नेशा के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट डीएम को प्रेषित कर दी गई है। ऐसे मामले में अगर कार्रवाई का आदेश हुआ तो अस्पताल का पंजीकरण निरस्त हो सकता है। सर्जन पर जुर्माना, उन्हें जिले में कहीं अन्य जगह ऑपरेशन न करने देने और आशा पर भी कार्रवाई हो सकती है।

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