लोकरंग: 11, 12 अप्रैल को सजेगा लोक संस्कृति का विराट मंच
Kushinagar News - कुशीनगर में 11 और 12 अप्रैल 2026 को लोकरंग 2026 महोत्सव का आयोजन होगा। इस महोत्सव में विभिन्न प्रदेशों के कलाकार लोक कला, लोक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। उद्घाटन सत्र में लोकरंग पत्रिका का लोकार्पण होगा, और विचार गोष्ठी में प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे।

कुशीनगर, वरिष्ठ संवाददाता। लोक कला, लोक संगीत एवं पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से लोकरंग 2026 का दो दिवसीय आयोजन 11 एवं 12 अप्रैल 2026 को जोगिया जनूबी पट्टी, फाजिलनगर में किया जाएगा। यह महोत्सव देश के विभिन्न अंचलों की लोक परंपराओं का संगम होगा, जिसमें विविध प्रदेशों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का जीवंत चित्र प्रस्तुत करेंगे।यह जानकारी देते हुए लोकरंग सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद्र कुशवाहा ने बताया कि 11 अप्रैल को सुबह औपचारिक उद्घाटन सत्र के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। अनौपचारिक सत्र में लोकरंग पत्रिका 2026 का लोकार्पण जाने-माने साहित्यकार कुरुक्षेत्र विवि में हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो सुभाष चंद्र सैनी करेंगे।
परंपरागत रूप से गांव की महिलाएं रोपनी-सोहनी गीतों से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगी। बनारस के दुर्गेश उपाध्याय एवं उनके साथी पारंपरिक भोजपुरी गीत प्रस्तुत करेंगे। बुंदेली सम्राट लोक कला संस्थान, विरधा (ललितपुर) द्वारा बुंदेली गायन, सैरा एवं राई नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। छत्तीसगढ़ से कहानीबाज थिएटर सोसायटी, गेजामुडा (रायगढ़) की टीम सुआ, करमा, ददरिया, पंथी एवं राउत नाचा आदि लोकनृत्यों की प्रस्तुति देगी। यह टीम दोनों रात सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेगी। त्रिपुरा की खुम्पुई कल्चरल अकादमी, पंचाली डेब्बार्मा, नार्थ बानामालीपुर, अगरतला पहली बार लोकरंग में सहभागिता कर रही है। यह दल दोनों रात त्रिपुरा के प्रसिद्ध होजागिरि, लेबानोन बोमानी एवं ममिता नृत्य प्रस्तुत करेगा।पहली रात उल्लू पंचायत नाटक का मंचन कहानीबाज थिएटर सोसायटी, गेजामुडा (रायगढ़) द्वारा किया जाएगा। इसके निर्देशक मोहन सागर हैं। दूसरी रात प्रेरणा कला मंच के लोकगीत होंगे। इसी संस्था द्वारा अमानत नाटक प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके निर्देशक प्रवीण जोशी हैं। थारू रीदम कला प्रशिक्षण संस्थान, हारनाटांड़ (पश्चिमी चम्पारण) द्वारा झमटा, झरका एवं जंतसारी की प्रस्तुतियां होंगी। टीम थिएटर, बलिया द्वारा जनगीतों का विशेष कार्यक्रम भी होगा।लोकसंस्कृति के नायक बनाम वंचितों की संघर्ष गाथा पर होगी विचार गोष्ठी12 अप्रैल को प्रातः 11 बजे लोकसंस्कृति के नायक बनाम वंचितों की संघर्ष गाथा विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी। इस गोष्ठी में देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार, चिंतक एवं विद्वान सहभागी होंगे। इसमें प्रमुख रूप से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रो सुभाष चंद्र सैनी के अलावा रीवा विवि के प्रो दिनेश कुशवाहा,• वरिष्ठ साहित्यकार रमेश भंगी,• कृष्ण प्रताप सिंह, प्रो अनिल सिंह, दयाशंकर राय, डीडीयू के डॉ रामनरेश राम, डॉ योगेंद्र चौबे, डॉ रामायण राम, सरिता भारत, डॉ निरंजन कुमार सिंह, डॉ घनश्याम कुशवाहा, डॉ इंद्र कुमार यादव, रामजी यादव, मनोज कुमार सिंह व डॉ नीलाम्बुज सरोज आदि शामिल होंगे।साज सज्जा की जिम्मेदारी संभावना कला मंच कोसंभावना कला मंच, गाजीपुर द्वारा कविता पोस्टर, भित्ति चित्र, मंच एवं परिसर सज्जा की जिम्मेदारी निभाई जाएगी। इसके निर्देशक सुधीर सिंह एवं डॉ राजीव कुमार गुप्ता होंगे। टीम में रीति सिंह, शिवांशी शर्मा, आंचल, प्रिया मौर्या एवं सुरभि सिंह सहित अन्य चित्रकार शामिल होंगी।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


