नाले के दूषित जल बोरवेल से भूगर्भ में डालने पर उठे सवाल, लोगों में नारागजी, उच्चस्तरीय जांच की मांग

हिन्दुस्तान, कुशीनगर
Follow us on Google News
share

कुशीनगर के हाटा नगर में सड़क चौड़ीकरण के दौरान नालियों का दूषित जल सीधे भूगर्भ में प्रवाहित करने के लिए बोरवेल बनाने पर स्थानीय लोग नाराज हैं। उनका कहना है कि यह पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। लोगों ने इसकी गंभीरता को बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

नाले के दूषित जल बोरवेल से भूगर्भ में डालने पर उठे सवाल, लोगों में नारागजी, उच्चस्तरीय जांच की मांग

कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। हाटा नगर में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से पिछले पांच-छह महीनों से सड़क चौड़ीकरण एवं नाली निर्माण का कार्य चल रहा है। इसी दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर नालियों के दूषित एवं अपशिष्ट जल को सीधे भूगर्भ में प्रवाहित करने के लिए बोरवेल बनाए जाने का मामला सामने आया है। इस व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी व्याप्त है और उन्होंने इसकी जांच कराए जाने की मांग उठाई है।नगर के कृष्ण नंदन जायसवाल, संतोष कुमार मिश्र, संपूर्णानंद द्विवेदी, राकेश शुक्ला, सोनू मद्धेशिया, आशुतोष कुमार दूबे, शाहनवाज खान समेत दर्जनों लोगों का कहना है कि नालियों के गंदे पानी को सीधे बोरवेल के माध्यम से जमीन के भीतर भेजना वैज्ञानिक दृष्टि से गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

उनका आरोप है कि यह तरीका पर्यावरण संरक्षण के मूल सिद्धांतों, नागरिकों के स्वास्थ्य अधिकारों तथा प्रचलित पर्यावरणीय मानकों के विपरीत है। लोगों का कहना है कि भूजल क्षेत्र के लाखों लोगों के पेयजल और दैनिक जरूरतों का प्रमुख स्रोत है। यदि दूषित जल सीधे जलभृत (एक्वीफर) तक पहुंचता है तो उसमें बैक्टीरिया, वायरस, नाइट्रेट, अमोनिया, भारी धातुओं तथा अन्य हानिकारक तत्वों के मिलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में एक बार भूजल प्रदूषित होने पर उसे प्राकृतिक रूप से शुद्ध होने में लंबा समय लग सकता है, जिसका असर क्षेत्र के हैंडपंपों, कुओं, ट्यूबवेलों और निजी बोरवेलों के जल की गुणवत्ता पर पड़ सकता है। लोगों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रधानमंत्री, एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों तथा डीएम को पत्र भेजकर संबंधित बोरवेल निर्माण कार्य को तत्काल रोकने और इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अपनाई जा रही तकनीक पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप है भी या नहीं।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।