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कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मजदूर झुलसा, लाखों का नुकसान काम ठप 

हिन्‍दुस्‍तान टीम ,कुशीनगर Published By: Ajay Singh
Mon, 31 Aug 2020 07:15 PM
कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मजदूर झुलसा, लाखों का नुकसान काम ठप 

कुशीनगर के निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का काम दिन-रात चल रहा है। इस बीच रविवार की देर रात बिजली विभाग की लापरवाही से एक मजदूर झुलस गया। करीब तीन लाख की क्षति भी हुई है। दोनों विभाग एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। उधर, श्रमिक के झुलस जाने से नाराज कर्मचारियों ने हड़ताल करके एयरपोर्ट का काम ठप कर दिया। 

एयरपोर्ट का काम जल्द से जल्द पूरा करने को लेकर सभी कार्यदायी संस्थाओं पर दबाव है। संस्थाएं, निर्धारित समय के अंदर काम पूरा करने में लगी हुई हैं। रविवार को देर रात ट्रांसफार्मर का एलटी तार टूटकर 11 हजार की लाइन पर गिर गया। जिससे एक कर्मचारी झुलस गया। लगभग तीन लाख रुपए मूल्य के उपकरण जलकर नष्ट हो गए। कर्मचारी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। विद्युतीकरण के काम में लगे कर्मचारियों ने सुरक्षात्मक उपाय करने की मांग को लेकर काम ठप कर दिया है। 

18 घंटे बाद भी न तो बिजली विभाग तार सही कर पाया है और न काम शुरू हो सका है। घटना के लिए कार्यदायी संस्था और बिजली विभाग के अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। एयरपोर्ट अर्थारिटी सितंबर महीने तक उड़ान के लिए सभी जरूरी काम पूरे के निर्देश के तहत काम कर रही है।

फरीदाबाद की निजी संस्था के कर्मचारी रविवार देर रात अपग्रेड किए जा रहे पुराने टर्मिनल बिल्डिंग में एसी, सीसी कैमरे और अन्‍य उपकरण लगा थे। इसी दौरान ट्रांसफार्मर से आ रहे एलटी लाइन का केबिल टूटकर 11 हजार वोल्टेज वाले तार पर गिरा। इससे पूरे परिसर में हाई वोल्टेज करंट उतर गया। एसी लगा रहा कंपनी का टेक्निशियन विधिचंद गंभीर रूप से झुलस गया। 

सामने आई बिजली विभाग की लापरवाही
प्रोजेक्ट इंजीनियर (इलेक्ट्रिक) सुनील तिवारी का कहना है कि सुबह से ही ट्रांसफार्मर पर केबल ढीला होने के कारण स्पार्किंग हो रही थी। विभागीय अधिकारियों को सूचित किया गया पर फाल्ट ठीक नहीं कराया गया। इसी के चलते दुर्घटना हुई है। दूसरी ओर बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता चंद्रबलि ने कहा कि एयरपोर्ट अथारिटी ने अब तक कनेक्शन नहीं लिया है। बावजूद इसके विभाग सहयोग कर रहा है। कम क्षमता के ट्रांसफार्मर और केबिल से लोड अधिक दिए जाने के कारण वह गल कर नीचे गिर गया। कार्यदायी संस्था ने सुरक्षा के लिए प्रोजेक्ट यूनिट भी नहीं लगाया है। इसमें विभाग की कोई गलती नहीं है।

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