Kushinagar News: बसंतपुर-मरिचहवा मार्ग पर चढ़ा नदी का पानी, रेतावासियों की चिंता बढ़ी
Kushinagar News: कुशीनगर में वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर रविवार को नदी का डिस्चार्ज 67 हजार क्यूसेक से बढ़कर 69,800 क्यूसेक हो गया। इससे रेता क्षेत्र के गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण लोहे के पाइप के सहारे रास्ता पार कर रहे हैं। बाढ़ खंड की निगरानी जारी है, स्थिति नियंत्रण में बताई गई है।

Kushinagar News: कुशीनगर। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर नदी के डिस्चार्ज में लगातार उतार-चढ़ाव से खड्डा रेता क्षेत्र के गांवों में रहने वाले लोगों की धड़कनें तेज हो गईं हैं। रविवार की सुबह बैराज से नदी का डिस्चार्ज 67 हजार क्यूसेक से बढ़कर 69 हजार 800 क्यूसेक पर पहुंच गया। इसके चलते रेताक्षेत्र के निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। बसंतपुर-मरिचहवा मुख्य मार्ग पर नदी का पानी पहुंच जाने से आवागमन प्रभावित हो गया है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर लोहे के पाइप के सहारे रास्ता पार करने को मजबूर हैं। नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण बड़ी गंडक नदी के डिस्चार्ज में लगातार बदलाव हो रहा है।
शनिवार की रात तक डिस्चार्ज 67 हजार क्यूसेक था, लेकिन रविवार भोर से जलस्तर बढ़ने लगा। इससे रेता क्षेत्र के ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई। छितौनी बांध के भैंसहा गेज पर रविवार की सुबह नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 95.00 मीटर के सापेक्ष 94.80 मीटर दर्ज किया गया। नदी का दबाव छितौनी बांध के संवेदनशील स्थलों स्पर-सी, किमी 9.700, 11.200, 12.100 तथा वीरभार ठोकर किमी 12.700 पर बना हुआ है। बाढ़ खंड इन सभी संवेदनशील बिंदुओं पर लगातार निगरानी कर रहा है। हालांकि, नदी का मुख्य रुख छितौनी बांध की ओर होने से लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है। बाढ़ खंड के एसडीओ मनोरंजन कुमार ने बताया कि छितौनी बांध के आधा दर्जन संवेदनशील स्थलों की प्रतिदिन निगरानी की जा रही है। वर्तमान डिस्चार्ज से ठोकरों को किसी प्रकार का खतरा नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।


