बुद्ध की धरती पर कट्टरपंथ की परछाई, शांति के संदेशवाहक कुशीनगर पर लग रहे दाग
Kushinagar News - मिथिलेश द्विवेदी, कुशीनगर यह धरती है जहां महात्मा बुद्ध ने अपने जीवन का अंतिम

मिथिलेश द्विवेदी, कुशीनगर यह धरती है जहां महात्मा बुद्ध ने अपने जीवन का अंतिम उपदेश दिया था। यही वह पावन भूमि है, जहां से पूरी दुनिया को शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश मिला। कुशीनगर की पहचान सदियों से तथागत बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली के रूप में रही है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां शांति और आत्मिक सुकून की तलाश में पहुंचते हैं। लेकिन, बीते एक दशक में जिस तरह इस जिले का नाम देशविरोधी गतिविधियों और आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामलों में सामने आया है, उससे इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान पर दाग लगे हैं।
कुशीनगर में आतंकवादी गतिविधियाँ
साल 2015 में पहली बार कुशीनगर उस समय सुर्खियों में आया, जब कसया थाना क्षेत्र से रिजवान नामक युवक की आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तारी हुई। सोशल मीडिया के जरिये कट्टरपंथ की राह पर बढ़े रिजवान की गिरफ्तारी ने जिले के लोगों को झकझोर दिया था। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह घटना आने वाले वर्षों में एक चिंताजनक सिलसिले का संकेत बन जाएगी।
दूसरी गिरफ्तारी
इसके दो वर्ष बाद, साल 2017 में पडरौना शहर के हथिसार मोहल्ले के निवासी एक अन्य युवक की गिरफ्तारी हुई। जांच एजेंसियों ने उसके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने की बात कही थी। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी। शांत माने जाने वाले जिले में इस तरह के नेटवर्क का सामने आना लोगों के लिए अप्रत्याशित था। अभी एक माह पहले यानि चार अप्रैल को दिल्ली पुलिस और यूपी एटीएस ने एक बार फिर रिजवान को उसके छावनी स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया।
तीसरी गिरफ्तारी
दूसरी बार भी उस पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे। जांच एजेंसियों का दावा था कि वह फिर से संदिग्ध नेटवर्क के संपर्क में था। उसकी गिरफ्तारी को अभी एक महीना भी नहीं बीता था कि जिले का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले में सामने आ गया। इस बार यूपी एटीएस ने जटहा बाजार क्षेत्र के हरपुर निवासी व वर्तमान में रविंद्रनगर धूस थाना क्षेत्र के सोहरौना में रहने वाले कृष्णा मिश्रा को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि वह सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम के जरिये पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और कथित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में था।
सामाजिक और मानसिक स्तर पर बदलते माहौल
एक दशक में कुशीनगर जिले से चार युवकों को देशविरोधी गतिविधियों में गिरफ्तार किया जाना सिर्फ कानून व्यवस्था का मामला नहीं माना जा रहा, यह सामाजिक और मानसिक स्तर पर बदलते माहौल की ओर भी संकेत कर रहा है। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि इन मामलों में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका लगातार सामने आ रही है। वर्चुअल दुनिया में सक्रिय कट्टरपंथी नेटवर्क युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं और लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।
बुद्ध की धरती पर चिंता
तथागत बुद्ध की धरती पर इस तरह की घटनाएं सिर्फ अपराध की खबर नहीं हैं, यह उस पहचान पर भी चोट हैं, जो सदियों से शांति, सहिष्णुता और मानवता का प्रतीक रही है। कुशीनगर आज भी दुनिया को बुद्ध का संदेश देता है, लेकिन देशविरोधी गतिविधियों में युवाओं के नाम सामने आने से जिले की छवि पर एक बदनुमा दाग जरूर लगता हुआ दिख रहा है।
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