जून में नए अंडरपास से चालू हो सकता है आवागमन
कुशीनगर के पडरौना शहर में रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है। यह अंडरपास जून में चालू होने की संभावना है, जिससे शहर में जाम की समस्या में कमी आएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, परियोजना लगभग 6 करोड़ की लागत से पूरी की जा रही है।
कुशीनगर। पडरौना शहर में जाम की समस्या आने वाले दिनों में कुछ हद तक हल हो सकती है। क्योंकि यहां के मुख्य रेलवे क्रासिंग पर आरयूबी (रेलवे अंडर ब्रिज) का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। रेलवे के अधिकारियों की मानें तो जून माह में इस अंडरपास से आवागमन चालू हो जाने की संभावना है। पडरौना शहर में जाम प्रमुख समस्या है। मुख्य रेलवे क्रासिंग पर ट्रेनों के आवागमन के दौरान बार-बार जाम लगने से लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि ट्रेनों के आवागमन के दौरान शहर के पांच रेलवे पर एक साथ बैरियर गिर जाते हैं, जिससे पूरे शहर में आवागमन ठप हो जाता है। एंबुलेंस, स्कूली वाहन, नौकरीपेशा सहित हर तरह के लोग फंस जाते हैं। अपने गंतव्य के लिए निकले दूरदराज से आए लोग भी यहां जाम से जूझने लगते हैं।
अंडर ब्रिज का निर्माण
इससे निजात दिलाने के लिए पडरौना शहर में एक आरयूबी (रेलवे अंडर ब्रिज) और आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) स्वीकृत हुआ। करीब एक साल पहले मुख्य रेलवे क्रासिंग पर रेलवे अंडरपास अर्थात आरयूबी का निर्माण शुरू हुआ था। उसके बाद नवंबर-दिसंबर में मुख्य रेलवे क्रासिंग के नीचे गर्डर लगाने और काम पूरा होने के बाद मेगा ब्लॉक लिया गया था। अब दोनों तरफ अंडरपास का काम पूरा होने के कगार पर है। छोटे वाहनों के आने जाने के लिए दो रास्ते बनाए गए हैं। रेलवे के अधिकारियों की मानें तो काम अंतिम चरण में है।
काम की स्थिति
अपनी देखरेख में इस आरयूबी का निर्माण शुरू कराने वाले रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (कार्य) पीसी शुक्ला ने बताया कि आरयूबी पर छज्जा लगाने और प्लास्टर सहित कुछ छोटे-छोटे काम बाकी हैं। जून में इस आरयूबी से आवागमन शुरू हो जाने की संभावना है। उसके बाद शहर के लोगों को जाम से काफी राहत मिल जाएगी।
महत्वपूर्ण जानकारी
अंडरपास के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी-
-मुख्य रेलवे क्रॉसिंग (समपार संख्या-68-B) पर चल रहा रेलवे अंडरपास का निर्माण।
-नवंबर, 2023 में रखी गई थी इसकी आधारशिला।
-फरवरी, 2025 में शुरू हुआ था इस परियोजना का निर्माण।
-टेंडर और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने पर शुरू हुआ काम।
-लगभग 6 करोड़ की लागत से किया जा रहा इस टू-लेन अंडरपास का निर्माण।
-पूर्वोत्तर रेलवे (वाराणसी मंडल) द्वारा दिसंबर 2025 में ढलाई, पाइप संरचना और लाइन-शिफ्टिंग जैसे अंतिम चरण के कार्यों के लिए ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया था।
-सुभाष चौक के पास बन रहे इस अंडरपास का काम मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य था।
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