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31 दिसंबर तक करा लें फसल बीमा, गेहूं और सरसों की फसल का हो रहा बीमा

31 दिसंबर तक करा लें फसल बीमा, गेहूं और सरसों की फसल का हो रहा बीमा

संक्षेप:

Kushinagar News - कुशीनगर में रबी फसलों का बीमा शुरू हो चुका है, जिसकी समयावधि 31 दिसंबर तक है। किसानों को प्रीमियम के अलावा कोई अन्य भुगतान नहीं करना है। गेहूं के लिए प्रति हेक्टेयर 1141.50 रुपये और सरसों के लिए 678.00 रुपये का प्रीमियम दिया जाएगा। ऋणी और गैर ऋणी कृषक दोनों बीमा करा सकते हैं।

Dec 05, 2025 09:39 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कुशीनगर
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कुशीनगर। रबी की फसलों का बीमा शुरू हो चुका है। बीमा कराने की समयावधि 31 दिसंबर तक निर्धारित है। किसानों को फसल बीमा के प्रीमियम के अलावा अन्य कोई भुगतान नहीं करना है। यह जानकारी उप कृषि निदेशक अतींद्र सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि किसान रबी सत्र में बोयी गई फसल गेहूं एवं सरसों का बीमा करा लें। जनपद में 119783 हेक्टेयर में गेहूं एवं 17039 हेक्टेयर में सरसों की खेती होती है। ये दोनों फसलें जनपद में बीमा के लिए अधिसूचित हैं। जनपद के लिए एग्रीकल्चर इन्शयोरेश कम्पनी इस कार्य के लिए नामित है। गेहूं की फसल का बीमा कराने के लिए प्रति हेक्टेयर 1141.50 रुपये का प्रीमियम किसान को भुगतान करना होगा।

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इसी तरह सरसों का बीमा करने के लिए प्रति हेक्टेयर 678.00 रुपये का प्रीमियम किसानों को भुगतान करना है। उन्होंने बताया कि फसल बीमा में दो तरह के कृषक आते हैं। ऋणी एवं गैर ऋणी। ऐसे ऋणी कृषक, जिन्होंने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ले रखा है, सीधे बैंक से अनुरोध कर अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। बीमा कराते समय किसान अपनी फसल का उल्लेख अवश्य करें। इसके लिए प्रीमियम को छोड़कर कोई अतिरिक्त धनराशि नहीं देनी होगी। इसी तरह गैर ऋणी कृषक सहज जन सेवा केंद्र (सीएससी), बीमा पोर्टल (डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू पीएमएफबीवाई डॉट जीओवी डॉट इन) या फसल बीमा के प्रतिनिधि से प्रीमियम देकर अपना बीमा करा सकते हैं। यहां भी बीमा के बदले कोई अतिरिक्त धनराशि भुगतान नहीं करनी है। किसानों को दोनों तरह के बीमा में आधार कार्ड, फसल की बुवाई का घोषणा पत्र, नवीनतम खतौनी एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति देने होंगे। किसी भी प्राकृतिक आपदा जैसे असफल बुवाई, खड़ी फसल की कीट रोगों से क्षति, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, जल भराव, भूस्खलन और बिजली गिरने से तथा बुवाई के 14 दिन के अंदर खलिहान में नष्ट फसल का क्षतिपूर्ति बीमा कम्पनी देती है। उन्होंने बताया कि किसानों को प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए राज्य एवं भारत सरकार के सहयोग से जोखिम को कवर करनें के लिए योजना संचालित की गई है। इसके लिए बीमा कम्पनी द्वारा किसानों की सहूलियत के लिए प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है।