के ही मारेला भरि पिचकारी, भींजत मोर सारी...
Kushinagar News - कुशीनगर में विमर्श साहित्यिक सामाजिक सेवा संस्था द्वारा मासिक काव्य गोष्ठी और होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं का मनोरंजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ माता सरस्वती की पूजा से हुआ और अंत में अतिथियों को सम्मानित किया गया।

कुशीनगर। विमर्श साहित्यिक सामाजिक सेवा संस्था कुशीनगर के तत्वावधान में आयोजित मासिक काव्य गोष्ठी और होली मिलन समारोह में कवियों की रसभरी प्रस्तुति पर फाग के रंग उड़े और सरा-रा-रा के साथ श्रोताओं ने खूब आनंद लिया। रविवार को कसया तहसील क्षेत्र के साखोपार स्थित नवल किशोर सिंह स्मृति संस्थान के सभागार में आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ अतिथियों ने माता सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। कविता का आरंभ अश्वनी द्विवेदी ने सरस्वती वंदना से किया। मोहन पांडेय भ्रमर ने... के ही मारेला भरि पिचकारी, भींजत मोर सारी पर श्रोता झूम उठे। रूबी गुप्ता सत्येंद्र ने ... अपने नापाक इरादों से बगावत कीजे सुनाई।
वरिष्ठ कवि डॉ. ओमप्रकाश द्विवेदी ओम की रचना .. सखी री। बसंत आगमन स्वागत को उत्सुक मेरी अंखियां काफी सराही गई। उमेश चौबे अश्क ने ...चढल मास फागुन के जबसे, नयना राह निहारे हो, सत्य प्रकाश शुक्ला बाबा ने चली खेलन सजि धजि होरी गोरी रुचि रूप सजाए सुनाकर गोष्ठी को ऊंचाई प्रदान की। डॉ. रानी शुक्ला ने... मै कैसे कहूं यह मोहब्बत नहीं है, एक तुम्हारे सिवा कोई चाहत नहीं है, आकाश महेशपुरी ने ... नेता नोटों की गड्डी से खेल रहे हैं, अश्वनी द्विवेदी ने ....बहे पुरुआ फागुनवा में, डॉ. मधुसूदन पांडेय ने ...आइल फागुन महीनवा के दिनवा, पिया नहीं अइले, ब्रजेश मणि त्रिपाठी ने ... पड़ी रंगों से है, फीकी मेरे जज्बात की होली सुनाकर बहाबही लूटी। डॉ. बलराम राय ने ... कहां गई हुड़दंग होली, नंदलाल सिंह कांतिपति ने ... कहति कांति इस महंगाई में ठठ्ठा नहीं ठिठोली उहां होली अपनी होली सुनाकर लोगों को सोचने पर विवश कर दिया। मुख्य वक्ता दिल्ली से आईं डॉ. ज्योति ओझा ने अपनी रचना ... चलो मिलकर कहानी लिखते हैं, सुनाई और होली पर अपनी शुभकामनाएं दी। उदित नारायण स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. रामनरेश दूबे, प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश मंत्री शैलेंद्र दत्त शुक्ला एवं विमर्श साहित्यिक सामाजिक सेवा संस्था के संरक्षक डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव, अखिलेश गोयल ने साहित्य सृजन और प्रोत्साहन पर चर्चा के साथ कवियों की प्रस्तुत रचनाओं को सराहा। संस्था अध्यक्ष आयोजक आरके भट्ट, अभा पत्रकार सुरक्षा समिति के प्रदेश अध्यक्ष अजय प्रताप नारायण सिंह, विजय पांडेय, पियूष प्रताप नारायण सिंह, शैलेश प्रताप सिंह, कृष्णानंद पांडेय, कुशल प्रताप नारायण सिंह, ज्ञान बर्द्धन गोविंद राव आदि ने अतिथियों को सम्मानित किया। इस दौरान हरेंद्र नाथ पांडेय, विजय कुमार तिवारी, ज्योतिभान मिश्र, कृष्णानन्द पांडेय, सुंदरन सिंह, शशांक सिंह, नीरज साहा, पवन मिश्रा, संजय चाणक्य, आदित्य दीक्षित, एबीपीएसएस जिलाध्यक्ष हृदयानन्द शर्मा, सचिव आफताब आलम, मस्तराज शर्मा, कामख्या नारायण मिश्र, जुम्मन अली, दीपक मिश्रा, आलोक तिवारी, उमर फारूक, भुवनेश सिंह, त्र्यंबकेश्वर सिंह, करुणेश सिंह, रत्नेश सिंह आदि मौजूद रहे ।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



