ताहि बधे कछु पाप न होई...कह कर अदालत ने दो दुष्कर्मियों को दी आजीवन करावास की सजा
Kushinagar News - कुशीनगर की विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने दो मासूम बच्चियों से दुष्कर्म के मामलों में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। एक मामले में पीड़िता की उम्र 3 वर्ष थी और दूसरे में 13 वर्ष। न्यायालय ने धर्मग्रंथ का उल्लेख करते हुए कहा कि अभियुक्तों को सभ्य समाज में रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
कुशीनगर, वरिष्ठ संवाददाता। जिले के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दिनेश कुमार की अदालत ने दो मासूम बच्चियों से दुष्कर्म के अलग-अलग मुकदमों में दो अभियुक्तों को आजीवन करावास व चार से पांच लाख रुपये तक के अर्थदंड की सजा सुनायी है। अदालत ने फैसले में राम चरित मानस की चौपाई का उल्लेख करते हुए लिखा है..अनुज बधू भगिनी सुत नारी, सुनु सठ कन्या सम ए चारी, इन्हहि कुदृष्टि बिलोकई जोई, ताहि बधे कछु पाप न होई। मुकदमे नेबुआ नौरंगिया व पटहेरवा थाना क्षेत्र से संबंधित हैं। विशेष शासकीय अधिवक्ता (पाक्सो एक्ट) श्री फूलबदन व अजय कुमार गुप्ता के द्वारा गम्भीरता से दोनों मुकदमों की शासन की तरफ से पैरवी की गयी।

नेबुआ नौरंगिया थाने में दर्ज करायी गयी एफआईआर के अनुसार पीड़ित बच्ची की उम्र घटना की तिथि पर मात्र 3 वर्ष थी। अभियुक्त सत्येन्द्र पुत्र रामनाथ निवासी महार विन्दवलिया टोला खपरधिका थाना नेबुआ नौरंगिया, आम खिलाने के बहाने दिनांक 23 जून 2020 को शाम चार बजे अपने घर लेकर गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीडि़ता की मां ढूंढते हुए 10 मिनट के अन्दर मौके पर पहुंची तो सत्येन्द्र का कुकर्म उसने अपनी आंखों से देखा। पीड़िता बेहोश हो गयी थी, उसे तत्काल इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया। विवेचना के बाद न्यायालय में अभियुक्त के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गयी। अभियोजन की तरफ से 11 साक्षीगण न्यायालय में परीक्षित कराये गये। अदालत ने अभियुक्त सत्येन्द्र को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन करावास व पांच लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनायी। अर्थदंड की रकम का 80 फीसदी हिस्सा पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिया जाएगा। अपने फैसले में न्यायालय ने लिखा है कि अदालत की दृष्टिकोण में अभियुक्त सत्येन्द्र को इस सभ्य समाज में रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती है, क्योंकि यदि उसे सभ्य समाज में रहने का अवसर प्राप्त होगा तो वह अपने हवश का शिकार फिर किसी अबोध को बना देगा। पटहेरवा थाने में वर्ष 2020 में पंजीकृत कराये गए मुकदमे के अनुसार पीडिता की उम्र घटना की तिथि पर लगभग 13 वर्ष थी। अभियुक्त मुन्ना पुत्र मोहम्मद शहीद निवासी सरया बुजुर्ग थाना पटहेरवा ने उसके घर में घुसकर, उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित पक्ष अनुसूचित जाति से सम्बन्ध रखते थे। पुलिस ने विवेचना के बाद अभियुक्त के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व एससी एसटी एक्ट के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन की तरफ से 09 साक्षीगण न्यायालय में परीक्षित कराये गये। अदालत ने इस पत्रावली में निर्णय बुधवार को खुले न्यायालय में उद्घोषित किया। अभियुक्त मुन्ना पुत्र मोहम्मद शहीद को आरोपित अपराध में दोषी करार दिया गया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास व चार लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अथर्रदंड का 80 फीसदी हिस्सा पीड़ित को प्रतिकर के रूप में दिया जाएगा। न्यायालय ने निर्णय के दौरान धर्मग्रन्थ रामचरित मानस की पंक्ति का जिक्र किया है।

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