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कुशीनगर से उड़ान नहीं होने की वजह एयरलाइन कंपनियों का इंटरेस्ट न लेना

कुशीनगर से उड़ान नहीं होने की वजह एयरलाइन कंपनियों का इंटरेस्ट न लेना

संक्षेप:

Kushinagar News - कुशीनगर हवाईअड्डे से उड़ानें शुरू नहीं हो पाई हैं क्योंकि एयरलाइन कंपनियों ने इसकी इच्छा नहीं जताई है। हवाईअड्डे को अपग्रेड किया गया है, जिससे रात की लैंडिंग संभव है, लेकिन अभी तक कोई स्लॉट अनुरोध नहीं आया है। नागर विमानन मंत्री ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत 93 हवाईअड्डों को जोड़ने का उल्लेख किया है।

Thu, 4 Dec 2025 09:10 AMNewswrap हिन्दुस्तान, कुशीनगर
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कुशीनगर, वरिष्ठ संवाददाता केन्द्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री कहा है कि कुशीनगर से उड़ान शुरू नहीं होने की वजह एयरलाइन कंपनियों की ओर से इसकी इच्छा नहीं जताना है। ऐसे हवाईअड्डों से विमानों का आवागमन एयरलाइन कंपनियों की इच्छा के आधार पर किया जाता है। कुशीनगर हवाईअड्डे को वीएफआर से जाईएफआर में अपग्रेड किया गया है, जिससे रात की लैंडिंग सक्षम हो गई है। एयरलाईनों को इस अपग्रेडेशन के बारे में सूचित कर दिया गया है, लेकिन अभी तक कोई स्लॉट अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है। उड़ान योजना के तहत, एयरलाइन कंपनियां, विमान की कमी के कारण कुशीनगर को जोड़ने वाले मार्गों पर परिचालन करने में असमर्थ रही हैं।

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राज्य सभा सांसद आरपीएन सिंह ने सदन में नागर विमानन मंत्री से यह सवाल पूछे थे कि कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन के संचालन और विकास की दिशा में वर्तमान में संचालित अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों की संख्या सहित अब तक क्या प्रगति हुई है। क्या कुशीनगर को मुंबई, बेंगलुरु जैसे प्रमुख घरेलू हब से जोड़ने के लिए नए उड़ान मार्ग शुरू किए जाने का कोई प्रस्ताव है और कुशीनगर विमानपत्तन पर पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए यात्री सुविधाओं और अवसंरचना में सुधार हेतु कौन-कौन से कदम उठाए जा रहे हैं। नागर विमानन मंत्रालय में राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने इसका जवाब देते हुए कहा है कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना उड़े देश का आम नागरिक (आरसीएस-उडान) के तहत, देश भर में 15 हेलीपोर्ट और 2 वाटर एयरोड्रोम सहित 93 असेवित और अल्पसेवित हवाईअड्डों को जोड़ने वाले 651 आरसीएस मार्गों को परिचालन में लाया गया है। इस योजना के तहत 3.27 लाख आरसीएस उड़ानों के परिचालन से 157 लाख से अधिक यात्रियों को लाभ हुआ है। उड़ान योजना के तहत उत्तर प्रदेश राज्य में कुल 18 हवाईअड्डों, आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, बरेली, कानपुर, चित्रकूट, अयोध्या, गाजीपुर, झांसी, मुरादाबाद, कुशीनगर, मेरठ, म्योरपुर, आजमगढ़, श्रावस्ती, महारनपुर, फुरसतगंज और हिंडन की पहचान की गई है। हवाईअड्डों का विस्तार और उन्नयन एक निरंतर प्रक्रिया है और यह कार्य समय-समय पर हवाईअड्डा प्रचालकों द्वारा भूमि की उपलब्धता, वाणिज्यिक व्यवहार्यता, सामाजिक-आर्थिक विचारों, यात्रियों की मांग ऐसे हवाईअड्डों से आवागमन प्रचालित करने की एयरलाइनों की इच्छा के आधार पर किया जाता है। कुशीनगर हवाईअड्डे पर संरक्षा, सुरक्षा, स्वच्छता, पहुंच और यात्री सुविधा से संबंधित सभी बुनियादी यात्री सुविधाएं उपलब्ध हैं।