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भारतीय संविधान के पहले पेज पर यूं ही नहीं हैं सीता राम के चित्र: रामभद्राचार्य

कुशीनगर। जगतगुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मैंने राम कथा के माध्यम से वैदिक...

भारतीय संविधान के पहले पेज पर यूं ही नहीं हैं सीता राम के चित्र: रामभद्राचार्य
हिन्दुस्तान टीम,कुशीनगरMon, 11 Dec 2023 12:00 PM
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कुशीनगर। जगतगुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मैंने राम कथा के माध्यम से वैदिक संस्कृति के प्रचार प्रसार का संकल्प लिया है। भारतीय संविधान के प्रथम पृष्ठ पर सीता राम के चित्र यूं हीं नहीं अंकित हैं। यह चित्र भारत राष्ट्र में सनातन संस्कृति की मजबूत जड़ों के द्योतक हैं। संकट काल में सभी ठीक उसी प्रकार साथ छोड़ देते हैं, जैसे चंद्रमा पर संकट आने पर उनके 12 नक्षत्र साथ छोड़ देते हैं। जब चंद्रमा के साथ ऐसा हो सकता है तो कलयुग में किसी के भी साथ हो सकता है। संकट से मुक्ति के लिए सनातन संस्कृति में प्रभु की भक्ति इसीलिए महत्वपूर्ण है।
जगद्गुरू रामभद्राचार्य फाजिलनगर क्षेत्र के सेमरा धाम में रामकथा के छठवें दिन श्रद्धालुओं को रामकथा का रसपान करा रहे थे। जगद्गुरु ने पति पत्नी के संबंधों की चर्चा करते हुए कहा कि पत्नी को पति का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। जिस प्रकार संकट के समय रोहिणी चंद्रमा का साथ नहीं छोड़ती, उसी प्रकार सीता ने वन गमन के समय राम का साथ नहीं छोड़ा। जगतगुरु ने राम वन गमन की कथा सुनाते हुए कहा कि रोहिणी नक्षत्र एक तरह से माता सीता का प्रतिनिधि है। इसी कारण वनवास में होने के बाद भी सीता ने भगवान राम के साथ को नहीं छोड़ा। पिता पुत्र के संबंधों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम एक ऐसे पुत्र थे, जिन्होंने कभी पिता दशरथ की इच्छा का उल्लंघन नहीं किया। यही कारण है कि हर रिश्ते की परिभाषा राम से शुरु होती है और राम पर ही खत्म होती है।

राममंदिर आंदोलन के दौरान उत्पीड़न की चर्चा की तो आंखें नम हो गयी

रविवार की कथा के दौरान जगद्गुरू ने राम मंदिर आंदोलन के दौरान अपने साथ हुए उत्पीड़न की भी चर्चा की। इस दौरान जगद्गुरु की आंखें नम हो गईं। कहा कि उसी समय मैने संकल्प लिया था कि यह देह रहे या न रहे राम मंदिर के लिए सबकुछ समर्पित कर दूंगा। इससे पहले विधायक मोहन वर्मा, कुशीनगर नपा के चेयरमैन प्रतिनिधि राकेश कुमार जायसवाल व चेयरमैन किरण जायसवाल, प्रणय शुक्ला व अंजलि शुक्ला, अजय राय, नीलम राय, क्षेत्रीय मंत्री किसान मोर्चा मनोज राय, अल्पना शुक्ला, दीपक द्विवेदी आदि के चरण पादुका और व्यास गद्दी के पूजन के बाद कथा छठवें दिन की कथा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर सांसद कुशीनगर विजय दुबे, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, दर्जा प्राप्त मंत्री राजेश्वर सिंह, विधायक हाटा मोहन वर्मा व रामकोला विनय प्रकाश गौड़, खड्डा प्रमुख शशांक दुबे, भाजपा नेता प्रमोद पाण्डेय, शैलेंद्र तिवारी, प्रमोद सिंह, अनिल प्रजापति, जितेंद्र शुक्ला, नितिन सिंह, पशुपति शुक्ला, ज्ञान पाण्डेय, अमिताभ मिश्रा, अनिल निर्मल, सिद्धेश्वर मिश्रा, योगेंद्र सिंह , धन्नजय राव, निखिल उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

फाजिलनगर का नाम तुसीनगर करने की सिफरिश करेंगे जगद्गुरू

जगद्गुरु ने कथा के दौरान एक प्रसंग आने पर फाजिलनगर का नाम तुलसी नगर करने की मांग करने की घोषणा की। उनकी इस घोषणा का उपस्थित जनसमुदाय ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए मैं मुख्य मंत्री आदित्यनाथ से मिलकर इसकी सिफारिश करुंगा।

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