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जो चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए वे क्या जानें गरीबों का दर्द

जो चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए वे क्या जानें गरीबों का दर्द

संक्षेप:

Kushinagar News - पडरौना, निज संवाददाता।उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात राज्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने शनिवार को

Jan 11, 2026 01:21 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कुशीनगर
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पडरौना, निज संवाददाता। उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, कृषि निर्यात राज्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने शनिवार को कहा कि जो चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए वे गरीबों का दर्द क्या जानें। वीबी जी राम जी को लेकर कांग्रेस भ्रम फैला रही है। वर्ष 2005 के बाद अब मनरेगा योजना को विस्तृत रूप दिया गया है। इसे 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन रोजगार की गारंटी दी गई है। प्रभारी मंत्री शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी जी राम जी) विधेयक को ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम कहा।

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प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह विधेयक पुराने मनरेगा कानून की कमियों को दूर करते हुए ग्रामीण रोजगार, आय सुरक्षा और टिकाऊ अधोसंरचना को नई दिशा देगा। प्रभारी मंत्री ने बताया कि इस नए विधेयक के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के इच्छुक ग्रामीण सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जबकि पहले यह सीमा 100 दिनों तक ही थी। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और आजीविका अधिक सुरक्षित बनेगी। उन्होंने बताया कि नए कानून के अंतर्गत कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका से जुड़े कार्य एवं जलवायु/मौसमी जोखिम कम करने वाले कार्यों तक सीमित किया गया है। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा। ग्राम पंचायतों द्वारा बनाए गए विकसित ग्राम पंचायत प्लान को अनिवार्य किया गया है तथा इन योजनाओं को पीएम गति शक्ति जैसी राष्ट्रीय प्रणालियों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मिशन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, रोजगार और आय के अवसर बढ़ेंगे, गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण होगा तथा पलायन में कमी आएगी। किसानों को सिंचाई, जल संरक्षण, भंडारण और बाजार तक बेहतर संपर्क सुविधाओं का लाभ मिलेगा, वहीं मजदूरों को 125 दिनों की गारंटी के साथ लगभग 25 प्रतिशत अधिक संभावित आय सुनिश्चित होगी। प्रभारी मंत्री ने बताया कि मजदूरी का भुगतान पूरी तरह डिजिटल माध्यम से आधार एवं बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए सीधे खातों में किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण रहेगा। यदि समय पर काम उपलब्ध नहीं कराया गया तो बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य होगा। इस दौरान राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह, कुशीनगर सांसद विजय कुमार दुबे, विधायक पीएन पाठक, विवेकानंद पांडेय, डॉ. असीम कुमार, बीज विकास निगम के उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप जायसवाल के अलावा कई जन प्रतिनिधि, अधिकारी व मीडियाकर्मी मौजूद रहे।