Kushinagar News: निजी अस्पतालों की जांच: 22 में पंजीकृत चिकित्सक नही, छह बिना पंजीयन संचालित
Kushinagar News: कुशीनगर में स्वास्थ्य विभाग ने 12 ब्लॉकों में 49 निजी अस्पतालों की जांच की। 28 अस्पताल मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिनमें 22 अस्पतालों में पंजीकृत चिकित्सक उपस्थित नहीं थे। विभाग ने इन अस्पतालों को नोटिस जारी किया है और एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा है।

Kushinagar News: कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। निजी अस्पतालों में मानकों की अनदेखी और बिना पंजीयन संचालित हो रहे अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। आठ टीमों ने 12 ब्लॉकों में 49 निजी अस्पतालों की जांच की। जांच के दौरान 28 अस्पताल मानक की कसौटी पर खरे नहीं उतरे। इनमें 22 अस्पतालों में पंजीकृत चिकित्सक मौके पर नहीं मिले, जबकि छह अस्पताल बिना पंजीयन के संचालित होते पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने सभी 28 अस्पतालों के संचालकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
जांच प्रक्रिया
जांच के दौरान टीमों ने अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता के साथ ही ऑपरेशन थियेटर, बेड, ओपीडी, पैरामेडिकल स्टाफ, चिकित्सीय उपकरण, साफ-सफाई और भर्ती मरीजों से संबंधित अभिलेखों की भी पड़ताल की। कई अस्पतालों में व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं। कुछ जगह ऑपरेशन थियेटर में गंदगी मिली तो कहीं आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं और उपकरण मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। भर्ती मरीजों के बीएसटी (बेड हेड टिकट) तक अधूरे मिले। ซีएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि स्थलीय सत्यापन की रिपोर्ट के आधार पर 28 अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है।
जवाब की अवधि
उन्होंने बताया कि जांच में 21 अस्पताल मानक के अनुरूप संचालित पाए गए। नोटिस का जवाब एक सप्ताह के भीतर देना होगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी सीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी ने बताया कि जांच में कई अस्पतालों में पंजीकृत चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। इसके अलावा ऑपरेशन थियेटर, बेड और ओपीडी की व्यवस्थाओं में भी कमियां मिलीं। अस्पतालों में पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, चिकित्सीय उपकरण और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी सत्यापन किया गया। कमियां मिलने पर संचालकों को नोटिस देकर व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई की चेतावनी
तीन संचालक फरार, अस्पताल पर चस्पा किया नोटिस :
जांच के दौरान तीन अस्पतालों के संचालक मौके पर नहीं मिले। टीम ने संबंधित संचालकों की अनुपस्थिति में अस्पताल पर ही नोटिस चस्पा कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस का जवाब निर्धारित अवधि में देना अनिवार्य होगा। सीएमओ ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह में जवाब नहीं मिलने पर दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने समेत अन्य नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई
दो अवैध अस्पताल सील, मुकदमे की भी चेतावनी
बिना पंजीयन संचालित पाए गए दो निजी अस्पतालों को बुधवार को सील कर दिया गया। इनमें विशुनपुरा ब्लॉक स्थित रामचंद्र केयर एंड क्योर क्लीनिक और लोक सेवक अस्पताल, विशुनपुरा शामिल हैं। सीएमओ के निर्देश पर नोडल अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों अस्पतालों को सील करने की प्रक्रिया पूरी कराई। दोनों अस्पतालों के संचालकों को नोटिस देकर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है कि बिना पंजीयन अस्पताल का संचालन क्यों किया जा रहा था और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की लगातार जांच और कार्रवाई से निजी अस्पताल संचालकों में खलबली मची है। विभाग का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और बिना पंजीयन या मानकों की अनदेखी कर संचालित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


