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नेबुआ नौरंगिया  क्षेत्र के अस्पताल संचालकों को नोटिस

नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के अस्पताल संचालकों को नोटिस

संक्षेप:

Kushinagar News - कुशीनगर में नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के कोटवा में पथरी की सर्जरी के दौरान एक मरीज की किडनी खराब होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 10 निजी अस्पतालों की जांच की। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने अस्पतालों में जरूरी...

Aug 19, 2025 08:44 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कुशीनगर
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कुशीनगर। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के कोटवा में पथरी की सर्जरी के दौरान मरीज की किडनी खराब होने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग गंभीर हो गया है। इसी क्रम में सीएमओ के निर्देश पर नेबुआ नौरंगिया विकास खंड के विभिन्न चौराहों पर संचालित 10 निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की रविवार देर शाम अचानक जांच की गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सीमांत वर्मा अपनी टीम के साथ निरीक्षण पर पहुंचे और अस्पतालों की व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। इस दौरान कोटवा स्थित सेवा हास्पिटल, खुशी, लाइफ केयर, साई हॉस्पिटल ,कान्हा चाइल्ड हॉस्पिटल सिरसिया, मां दुर्गा हॉस्पिटल नेबुआ, जीवन ज्योति नेबुआ, अनन्या पाली क्लीनिक, अपना हॉस्पिटल कोटवा सहित कुल दस अस्पतालों का निरीक्षण किया गया।

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जांच में कई अस्पतालों में जरूरी कागजात उपलब्ध नहीं पाए गए। वहीं हाल ही में सर्जरी करा चुके मरीजों से पूछताछ की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्जरी संबंधित डॉक्टरों ने ही की है। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने अस्पताल संचालकों की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए सभी को नोटिस थमा दिया। नोटिस में तीन दिन के अंदर अस्पताल संचालन से संबंधित समस्त कागजात और अस्पताल बोर्ड पर अंकित डॉक्टरों की जानकारी लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। डॉ. सीमांत वर्मा ने बताया कि अस्पतालों की वैधता, पंजीकरण, डॉक्टरों की योग्यता और ऑपरेशन की अनुमति संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि किसी अस्पताल में अनियमितता या गड़बड़ी पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में बिना अनुमति या अधूरी सुविधाओं के अस्पताल संचालन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। निजी अस्पताल संचालकों में भय और चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि विभाग की इस कार्रवाई से न केवल अनियमित अस्पतालों पर नकेल कसेगी, बल्कि मरीजों को भी सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।