ईंधन की कीमतों में उछाल से रसोई से बाजार तक पड़ेगी महंगाई की मार

हिन्दुस्तान, कुशीनगर
Follow us on Google News
share

कुशीनगर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इससे महंगाई बढ़ने की संभावना है, खासकर खाद्य वस्तुओं और परिवहन में। व्यापारियों का कहना है कि माल भाड़ा बढ़ने से खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। किसानों को भी उच्च ईंधन कीमतों से चिंता है।

ईंधन की कीमतों में उछाल से रसोई से बाजार तक पड़ेगी महंगाई की मार

कुशीनगर। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में शुक्रवार से हुई तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है। ईंधन की कीमतों में उछाल के बाद रसोई घर से लेकर बाजार तक महंगाई की मार पड़ने वाली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईंधन महंगा होने से जिले में परिवहन से लेकर खाद्य वस्तुओं तक के दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। ईंधन की कीमतों में हुई वृद्धि के बाद ट्रांसपोर्टरों ने माल भाड़ा बढ़ाने पर विचार करना शुरू कर दिया है। ऐसे में यदि माल भाड़ा में वृद्धि हुई तो फिर खाने-पीने समेत अन्य सामानों के दाम आसमान छूने लगेंगे। व्यापारियों ने खाद्य पदार्थ, पैकेटबंद सामान व कोल्ड स्टोरेज से आने वाले उत्पादों के दाम बढ़ने की आशंका जताई है。

महंगाई का प्रभाव

कुशीनगर जैसे कृषि और बाजार आधारित जिले में डीजल की कीमतों का सीधा असर माल ढुलाई, खेती और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ेगा। जिले में आलू-प्याज, फल, खाद्य तेल, पैकेटबंद सामान और डेयरी उत्पाद ट्रकों के जरिए बाहर से आते हैं। ऐसे में डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी और उसका असर खुदरा बाजार में कुछ समय बाद ही दिखाई देने लगेगा। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल की बढ़ी कीमतों से परिवहन लागत बढ़ गई है। डीजल के दाम अचानक बढ़ने से लंबी दूरी तक माल पहुंचाना अब महंगा हो जाएगा। टायर, टैक्स और मरम्मत का खर्च पहले से ही अधिक है, ऐसे में अब माल भाड़ा बढ़ाना ट्रांसपोर्टरों की मजबूरी है। यदि किराया नहीं बढ़ाया गया तो छोटे ट्रांसपोर्टरों के लिए कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा। वहीं, पडरौना शहर के व्यापारियों का कहना है कि अभी तक वे अतिरिक्त लागत खुद वहन कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा संभव नहीं होगा। किराना व्यापारी शिवम गुप्ता ने बताया कि खाद्य तेल, दाल, साबुन और पैकेटबंद सामान की ढुलाई लागत बढ़ने से बाजार मूल्य पर असर पडोगा। वहीं, कोल्ड स्टोरेज से आने वाले आलू, फल और डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि इनका पूरा नेटवर्क ईंधन आधारित परिवहन पर निर्भर करता है।

किसानों की चिंता

सब्जी व्यवसायी आशीष का कहना है कि गर्मी के मौसम में पहले से ही हरी सब्जियों की कीमतें ऊंची चल रही हैं। हालांकि, ज्यादातर हरी सब्जियों का उत्पादन अपने ही जिले में होता है। लेकिन, परिवहन खर्च बढ़ने के बाद प्याज, आलू और बाहर से आने वाली अन्य सब्जियों के दाम भी बढ़ जाएंगे। ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, इसका प्रभाव घरों की रसोई पर भी पड़ेगा। गृहणी महिलाओं का कहना है कि पहले से ही राशन, सब्जी और दूध के बढ़ते दामों से घरेलू बजट प्रभावित है। अब ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बाद एक बात तो तय है कि माल भाड़ा बढ़ेगा, जिससे खाने-पीने की अधिकांश वस्तुएं भी महंगी हो जाएंगी। गृहणियों सोनम, प्रीती और अल्का का कहना है कि सीमित आय में घर चलाना पहले ही मुश्किल हो रहा है, ऐसे में ईंधन कीमत बढ़ने से रसोई का खर्च और बढ़ जाएगा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष प्रभुनंद उपाध्याय का कहना है कि वेतन सीमित है, लेकिन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। फिलहाल तीन रुपये की वृद्धि छोटी दिख रही है, लेकिन इसका असर धीरे-धीरे हर क्षेत्र में दिखेगा।

किसानों की बढ़ी चिंता

डीजल महंगा होने से किसानों की बढ़ी चिंता :

कुशीनगर के किसानों पर पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों का सीधा असर पड़ेगा। जिले में खेती का बड़ा हिस्सा डीजल आधारित संसाधनों पर निर्भर है। ट्रैक्टर से जुताई, थ्रेसर संचालन, सिंचाई पंप और फसल ढुलाई तक अधिकांश काम डीजल के सहारे होते हैं। इस समय जिले में धान की नर्सरी तैयार करने के साथ ही खरीफ सीजन की तैयारियां शुरू होने वाली हैं। ऐसे में डीजल महंगा होने से खेती की लागत बढ़ने की आशंका किसानों को परेशान कर रही है। खेतों की जुताई और सिंचाई के लिए ट्रैक्टर तथा पंपसेट का खर्च पहले ही बढ़ चुका है। अब ईंधन कीमतों में नई बढ़ोतरी से कृषि कार्य और महंगे हो सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसान निजी ट्यूबवेल और डीजल इंजन से सिंचाई करते हैं। बिजली आपूर्ति प्रभावित होने पर डीजल पंप ही सहारा बनते हैं। ऐसे में ईंधन की कीमतें बढ़ने से प्रति बीघा खेती की लागत में बढ़ोतरी होना तय है。

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुशीनगर में ईंधन की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी की गई है?
कुशीनगर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।