Kushinagar News: टपकती छत के नीचे चल रहा कोटवा बिजलीघर, ढोरही उपकेंद्र शुरू होने के बाद भी नहीं मिली राहत
Kushinagar News: कुशीनगर में कोटवा विद्युत उपकेंद्र की बदहाल स्थिति से उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नया विद्युत उपकेंद्र चालू होने के बावजूद लो वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। विधायक विवेकानंद पांडेय ने अधिकारियों की कमी का हवाला देते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।

Kushinagar News: कुशीनगर। कोटवा विद्युत उपकेंद्र की बदहाल स्थिति उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा रही है। मरम्मत के अभाव में बिजलीघर की छत टपक रही है, जिसे तिरपाल से ढककर किसी तरह संचालन किया जा रहा है। वहीं, ढोरही फार्म में नया विद्युत उपकेंद्र चालू होने के बाद भी क्षेत्र के लोगों को लो वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती से राहत नहीं मिल सकी है।
क्षेत्रीय हालत
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि ढोरही फार्म में नया उपकेंद्र शुरू होने से कोटवा बिजलीघर का भार कम होने और बिजली व्यवस्था में सुधार की उम्मीद थी। इसके लिए लंबे समय से नए उपकेंद्र की मांग की जा रही थी। भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण सरगटिया और खैरटिया के बजाय ढोरही फार्म में दो 5-5 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए। हालांकि, उपभोक्ताओं का आरोप है कि अधूरी तैयारियों के बीच जल्दबाजी में इसका संचालन शुरू कर दिया गया।
समस्या का समाधान
इसके चलते कोटवा उपकेंद्र का बलकुड़िया फीडर अब भी यहीं से संचालित हो रहा है और अपेक्षित रूप से लोड कम नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि रोस्टिंग, अघोषित कटौती और लो वोल्टेज की समस्या पहले की तरह बनी हुई है। उन्होंने ढोरही फार्म विद्युत उपकेंद्र को पूरी क्षमता से संचालित कर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
स्थायी समाधान की कोशिश
खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय ने बताया कि अधिकारियों की कमी के कारण नया उपकेंद्र अभी पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से वार्ता की गई है और जल्द ही इसे पूर्ण रूप से चालू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि कौवासार में भी इसी माह नया विद्युत उपकेंद्र बनाने का कार्य शुरू होगा, जिससे क्षेत्र की बिजली समस्या का स्थायी समाधान होगा।
फीडरों का संचालन
अवर अभियंता सुरेंद्र कुमार ने बताया कि ढोरही उपकेंद्र से कुछ फीडरों का संचालन शुरू हो चुका है। शेष फीडरों को भी एक सप्ताह के भीतर जोड़ दिया जाएगा, जिसके बाद लो वोल्टेज और कटौती की समस्या में काफी हद तक सुधार होगा।


