जीवित साबित करने को तहसील मुख्यालय का चक्कर काट रहा बुजुर्ग
Kushinagar News - कुशीनगर के हरिवंश, जो 75 वर्ष के हैं, ने अपने रिश्तेदारों द्वारा मृत दिखाए जाने के बाद न्यायालय में लड़ाई लड़ी। दो महीने पहले न्यायालय ने उन्हें जीवित साबित कर दिया, लेकिन अब भी राजस्व अभिलेख में उनका नाम सही नहीं किया गया है। वे तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
कुशीनगर तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के गोड़ईता श्रीराम निवासी एक जीवित बुजुर्ग को मृत दिखाकर उसके सगे पट्टीदारों ने उसके हिस्से की जमीन जायदाद अपने नाम करा लिया। जानकारी होने पर जिला से लेकर तहसील तक का चक्कर लगाने के बाद न्याय नहीं मिलने की दशा में वह न्यायालय की शरण में गया। न्यायालय ने दो माह पूर्व उसे जीवित साबित कर दिया। इसके बाद भी उसका नाम राजस्व अभिलेख में दुरुस्त नहीं किए जाने से बुजुर्ग तहसील मुख्यालय का चक्कर लगाने को विवश है। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के गोड़ईता श्रीराम निवासी हरिवंश 75 वर्ष रोजी रोजगार के सिलसिले में असम रहते थे।
वहीं उन्होंने शादी विवाह कर लिया। पूरा परिवार असम में रहता है। लगभग 10 वर्ष पहले वह अपने गांव वापस आए तो उन्हें पता चला कि सगे पट्टीदारों ने उन्हें मृत दिखाकर उनके जमीन जायदाद को अपने नाम करा लिया है। जानकारी के बाद अपने को जीवित साबित करने के लिए वह लेखपाल से लेकर डीएम तक मिले लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। वर्षों दौड़ने के बाद भी न्याय नहीं मिलने पर थकहार कर वह न्यायालय की शरण में गए। वर्षों की कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद दो माह पूर्व न्यायालय ने उन्हें जीवित साबित कर दिया। जीवित साबित होने के बाद वह उसके अनुपालन के लिए तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। मंगलवार को तहसील मुख्यालय पहुंचे बुजुर्ग बेबस होकर कार्यालयों का चक्कर लगा रहे थे। बुजुर्ग का आरोप था कि वह गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर है। इसलिए उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। इस संबंध में तहसीलदार महेश कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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