जांच में दोषी पाए जाने के बाद हटे डॉक्टर की फिर हुई वापसी
हाटा, हिन्दुस्तान संवाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाटा पर तैनात एक चर्चित चिकित्सक की वापसी को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। सर्पदंश पीड़

हाटा, हिन्दुस्तान संवाद।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाटा पर तैनात एक चर्चित चिकित्सक की वापसी को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। सर्पदंश पीड़ित की मौत के मामले में गठित दो सदस्यीय जांच टीम द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद उनका तबादला मोतीचक सीएचसी कर दिया गया था, लेकिन करीब तीन माह बाद उन्हें पुनः हाटा सीएचसी में तैनात कर दिया गया।
डॉ. प्रशांत मल्ल पर आरोप
सीएचसी हाटा पर नियुक्त डॉ. प्रशांत मल्ल के खिलाफ क्षेत्र के मिश्र ढाढ़ा गांव निवासी स्वर्गीय मजनू पुत्र अरदास की मौत के मामले में गंभीर आरोप लगाए गए थे। परिजनों का कहना था कि दो अगस्त 2025 को सर्पदंश के बाद मजनू को उपचार के लिए सीएचसी हाटा लाया गया था, जहां इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉ. प्रशांत मल्ल मौजूद थे। आरोप था कि अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध होने के बावजूद मरीज को समय पर नहीं लगाया गया और काफी देर बाद उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। विलंब के कारण रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों तथा विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। मामले को लेकर एसडीएम हाटा को ज्ञापन सौंपा गया था तथा चिकित्सक के खिलाफ कोतवाली में तहरीर भी दी गई थी।
जांच और स्थानांतरण
एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ ने मामले की जांच के लिए आठ अगस्त 2025 को उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश कुमार गुप्त तथा जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. मुकेश यादव की संयुक्त टीम गठित की थी। जांच टीम द्वारा प्रस्तुत आख्या में चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों को गंभीर मानते हुए डॉ. प्रशांत मल्ल को दोषी पाया गया। इसके बाद सीएमओ ने उनका स्थानांतरण हाटा से मोतीचक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया था। हालांकि स्थानांतरण आदेश के बाद भी चिकित्सक को लेकर चर्चाएं बनी रहीं। अब करीब तीन माह बाद उनकी पुनः हाटा सीएचसी में तैनाती किए जाने से मामला फिर चर्चा में आ गया है। मृतक के पिता अरदास प्रसाद तथा हिंदूवादी नेता अंकुर राव सहित कई लोगों ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न खड़े किए हैं।
प्रभारी चिकित्साधिकारी का बयान
इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी हाटा डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि डॉ. प्रशांत मल्ल की वापसी मुख्य चिकित्साधिकारी कुशीनगर द्वारा जारी एक नवंबर 2025 के आदेश के क्रम में की गई है।


