
राजस्व न्यायालयों में पत्रावलियां गायब होने पर डीएम सख्त, तीन दिन में मांगा प्रमाण
संक्षेप: Kushinagar News - कुशीनगर, वरिष्ठ संवाददाता। जनता-दर्शन में राजस्व न्यायालय से पत्रावली न
कुशीनगर, वरिष्ठ संवाददाता। जनता-दर्शन में राजस्व न्यायालय से पत्रावली न मिलने व गुम होने की शिकायतें मिलने पर डीएम ने सख्त रुख अख्तियार किया है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने समस्त पीठासीन अधिकारी राजस्व न्यायालय को निर्देशित किया है कि पीठासीन अधिकारी तीन दिन के समस्त पत्रावलियों को न्यायालय के कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली पर अंकित करा लेने के साथ यह प्रमाण पत्र डीएम कार्यालय में उपलब्ध करा दें कि इस पोर्टल पर सभी पत्रावलियां उनके न्यायालय में उपलब्ध हैं। इसी जिम्मेदारी व जवाबदेही संबंधित न्यायालय के पीठासीन अधिकारी की होगी। डीएम ने सभी राजस्व न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी पत्रावलियों को व्यवस्थित रूप से साक्ष्य, सुनवाई, बहस एवं आदेश आदि को शामिल करते हुए अपने न्यायालयों में राजस्व न्यायालय कम्पयूटरीकृत प्रबन्धन प्रणाली, उत्तर प्रदेश के पोर्टल पर समस्त वादों का अंकन कराकर इस आशय का प्रमाण पत्र तीन दिवस में प्रस्तुत करें कि राजस्व न्यायालय कम्प्यूटरीकृत प्रबन्धन प्रणाली उत्तर प्रदेश के पोर्टल पर दर्ज समस्त पत्रावलियां मेरे न्यायालय में उपलब्ध हैं।

दर्ज पत्रावलियों में से पत्रावली के गुम हो जाने व पत्रावली न मिलने पर समस्त जिम्मेदारी सम्बन्धित पीठासीन अधिकारी की होगी। यदि भविष्य में पत्रावली न मिलने की शिकायत आती है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इसमें किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

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