Kushinagar News: मुसहर व दलितों के शिकायतों की होगी जांच, डीएम ने गठित की चार सदस्यीय समिति
Kushinagar News: कुशीनगर में, डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने मुसहर, पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों की पट्टा भूमि पर अवैध कब्जा की शिकायतों की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति को सात दिन में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है।

Kushinagar News: कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। जिले के रहसू जनोबी पट्टी, सरैया महंथ पट्टी, कनौरा तथा धुनवलिया-मधुरिया गांवों के मुसहर, पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों की पट्टा भूमि पर अवैध कब्जा के शिकायतों की जांच के लिए डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है।
समिति का गठन
समिति को सात दिन के भीतर सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं। यह कार्रवाई कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में निकाली गई पदयात्रा के जिला मुख्यालय पहुंचने और लगातार चल रहे आंदोलन के तीन दिन बाद हुई है।
शिकायतों का निस्तारण
गुरुवार को डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि संबंधित गांवों के लोगों की ओर से दिये गये शिकायती पत्र में विभिन्न समस्याएं उठाई गई थीं। शिकायतकर्ताओं ने मामले में शीघ्र व निष्पक्ष निस्तारण की मांग की थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। उन्होंने बताया कि समिति में प्रभारी अधिकारी सीलिंग को अध्यक्ष बनाया गया है। अभियोजन अधिकारी, जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) व जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) को सदस्य नामित किया गया है।
मुख्य कदम
समिति शिकायत पत्र में उल्लिखित सभी तथ्यों की गहन जांच कर सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इन गांवों में मूसहर व दलित परिवारों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पिछले कई दिनों से ग्रामीणों के साथ आंदोलन कर रहें थे। उनके नेतृत्व में पदयात्रा निकालकर जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था और निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।
प्रशासन की प्रतिबद्धता
अब प्रशासन द्वारा जांच समिति गठित किए जाने को इस पूरे प्रकरण में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डीएम ने कहा कि प्रशासन कमजोर व वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय या भेदभाव स्वीकार नहीं किया जायेगा तथा प्रत्येक शिकायत का पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जायेगा।


