Kushinagar News: चेतावनी बिंदु से ऊपर और छितौनी तटबंध से सटकर बह रही गंडक नदी
Kushinagar News: कुशीनगर के वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर नदी का डिस्चार्ज घटकर 1 लाख 19 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया है। तटबंध का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर बना हुआ है, जिससे कटान का खतरा बढ़ गया है। नाव सेवा बंद होने से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Kushinagar News: कुशीनगर। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर बड़ी गंडक नदी का डिस्चार्ज लगातार घट रहा है, लेकिन इसका असर अभी खड्डा क्षेत्र के निचले इलाकों में नहीं दिख रहा है। शनिवार को बैराज पर नदी का डिस्चार्ज 1 लाख 24 हजार क्यूसेक से घटकर 1 लाख 19 हजार क्यूसेक पर आ गया। इसके बावजूद छितौनी तटबंध के भैंसहा गेज पर नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 95 मीटर से 10 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। इससे तटबंध के स्परों पर दबाव बढ़ गया है और कटान की आशंका गहरा गई है। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश थमने के बाद वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर डिस्चार्ज में लगातार कमी देखने को मिल रही है।
हालांक, नदी अभी भी छितौनी तटबंध से सटकर बह रही है। वहीं, रोहुआ नाला और मरिचहवा-बसंतपुर मुख्य मार्ग पर अब भी पानी बह रहा है। इससे आवागमन प्रभावित है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर नदी में नावों का संचालन बंद करा दिया है। नाव सेवा बंद होने से रेता क्षेत्र के शिवपुर, मरिचहवा, हरिहरपुर, नारायनपुर, बसंतपुर, महदेवा और सालिकपुर समेत अन्य गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तहसील मुख्यालय खड्डा पहुंचने के लिए उन्हें बिहार के रास्ते करीब 43 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। हालांकि, रेता क्षेत्र तक पहुंचने के लिए यही एकमात्र वैकल्पिक मार्ग होने के कारण ग्रामीण विवश होकर लंबा सफर करने को मजबूर हैं।


