
कुशीनगर में भी हैं गीता -बबीता फोगाट जैसी बेटियां, भिड़ेंगी नेशनल में
Kushinagar News - कुशीनगर के पहलवान मदन यादव की चार बेटियाँ कुश्ती में पहचान बना रही हैं। बड़ी बेटी आंचल ने 2016 से कुश्ती खेलना शुरू किया और कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। उनका चयन पंजाब में होने वाली नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता के लिए हुआ है। डीएम ने बेटियों को प्रोत्साहित किया और समाज से अपील की कि बेटियों का सम्मान करें।
कुशीनगर। हरियाणा के बलाली गांव पहलवान महावीर सिंह फोगाट और उनकी बेटियों गीत फोगाट व बबीता फोगाट की तर्ज पर कुशीनगर जिले में भी एक पहलवान की बेटियां कुश्ती में अपनी पहचान बना रही हैं। ये वही गीता फोगाट व बबीता फोगाट हैं, जिन पर अभिनेता आमिर खान की फिल्म दंगल फिल्माई गई थी और इस फिल्म सुपरहिट हुई थी। कुशीनगर जिले के ग्रामीणांचल के पहलवान मदन यादव ने भी अपनी बेटियों को कुश्ती के क्षेत्र में शिखर तक ले जाने की ठानी, जिसका नतीजा है कि उनकी चार बेटियां आज कुश्ती में स्टेट से लेकर नेशनल प्रतियोगिताओं में दावेदारी कर रही हैं।
बड़ी बेटी आंचल और मझिली अमृता का चयन पंजाब के भटिंडा में होने वाली नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में हुआ है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर के बुलावे पर गुरुवार को कलक्ट्रेट आयीं आंचल यादव ने बताया कि वह वर्ष 2016 से कुश्ती खेल रही हैं। अब तक छह बार नेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं। सात भाई-बहनों में आंचल अपने दो बहनों और एक भाई से छोटी हैं। उनके पिता मदन यादव स्वयं ग्रामीण कुश्ती के पहलवान रह चुके हैं और उन्हीं से आंचल को प्रेरणा मिली। पिता ने ही शुरुआती प्रशिक्षण दिया और जब आंचल ने बेहतर प्रदर्शन करना शुरू किया तो उनकी छोटी बहनें अमृता, अंकिता और आंसू भी कुश्ती के मैदान में उतर आईं। फिलहाल अमृता दिल्ली में सरकारी हॉस्टल में रहकर कुश्ती का प्रशिक्षण ले रही हैं, जबकि अन्य बहनें भी प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं खेल चुकी हैं। इन बेटियों को संवारने वाले पिता पेशे से किसान और पशुपालक हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद बेटियों के जज्बे में कभी कमी नहीं आई। घर में भले सुविधाएं सीमित हों, लेकिन दूध की कोई कमी नहीं रहती। खेतों और घरेलू कार्यों में हाथ बंटाने के बाद ये बेटियां समय निकालकर अपने खेल को निखारती हैं। नेशनल खेलने जा रहीं आंचल ने कहा कि समाज में अक्सर उन्हें उपेक्षा और पिता को ताने सुनने पड़ते हैं, लेकिन पिता ने कभी इन बातों की परवाह नहीं की। उन्होंने हमेशा बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आंचल ने कहा कि अब वे पिता के भरोसे और सपनों को पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं। आंचल ने समाज से अपील करते हुए कहा कि बेटियों को तिरस्कृत न करें। अगर वे कुछ अच्छा करना चाहती हैं तो उनका साथ दें और भरोसा दिखाएं। वहीं बेटियों को भी चाहिए कि वे मां-बाप के विश्वास को टूटने न दें। डीएम ने किया प्रोत्साहित जनपद मुख्यालय स्थित कलक्ट्रेट में गुरुवार को उस समय खास माहौल देखने को मिला, जब डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कुश्ती में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली तीन सगी बहनों आंचल, अंकिता और आंसू को बुलाकर उनकी हौसला-अफजाई की। ये तीनों बहनें जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर नगर पंचायत मथौली की रहने वाली हैं। बीते दिसंबर माह में आंचल यादव ने राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया था। इसके बाद अब मार्च महीने में पंजाब के भटिंडा में होने वाली नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में आंचल का चयन उत्तर प्रदेश टीम से हुआ है। डीएम की तरफसे सम्मान और शाबाशी मिलने पर तीनों बहनों ने खुशी जाहिर की। इन खिलाड़ियों ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में अक्सर उन्हें वह सम्मान नहीं मिल पाता, लेकिन आज जिलाधिकारी ने बुलाकर सराहना की, जिससे उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया है। बोले क्रीड़ाधिकारी- जिले के क्रीड़ाधिकारी रवि निषाद ने बताया कि इन खिलाड़ियों के प्रमाण पत्रों के साथ इनका नाम निदेशालय भेज दिया गया है। विभाग की ओर से हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि इन खिलाड़ियों के आगे बढ़ने में कोई बाधा न आए। इनसे कहा गया है कि स्टेडियम भी आकर खेलें। इनकी प्रतिभा के अनुसार आगे खेलने का पूरा अवसर दिलाया जाएगा। ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाएगा।

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