Hindi NewsUttar-pradesh NewsKushinagar NewsCorruption Uncovered Illegal Toll Collection and GST Evasion at Sethi Dhaba in Kushinagar
वसूली के धंधे में जीएसटी व आरटीओ विभाग के भ्रष्ट निशाने पर

वसूली के धंधे में जीएसटी व आरटीओ विभाग के भ्रष्ट निशाने पर

संक्षेप:

Kushinagar News - कुशीनगर में सेठी ढाबा पर बिना परमिट वाली डबल डेकर बसों और टैक्स चोरी करने वाले ट्रकों से वसूली का मामला सामने आया है। ढाबा संचालक द्वारा जारी टोकन से जीएसटी और आरटीओ की जांच से बचा जा रहा था। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की विशेष जांच टीम गठित की गई है।

Sat, 22 Nov 2025 09:46 AMNewswrap हिन्दुस्तान, कुशीनगर
share Share
Follow Us on

कुशीनगर, वरिष्ठ संवाददाता। हेतिमपुर टोल प्लाजा के पास फोरलेन पर चार महीने पहले खुले सेठी ढाबे से बिना परमिट वाली डबल डेकर बसों व टैक्स चोरी कर माल ढुलाई करने वाले ट्रकों से वसूली होती है। ढाबा संचालक ऐसे वाहनों को एक टोकन जारी करता था। वह टोकन दिखाने पर जीएसटी व आरटीओ के लोग वाहनों या माल की जांच पड़ताल किए बगैर आगे जाने देते थे। ढाबा संचालक के पास से मिली डायरी व मोबाइल इीसकी पोल खोल रहे हैं। डीएम व एसपी की निगरानी में पुलिस की विशेष जांच टीम इसी आधार पर एक-एक कर कार्रवाई का दायरा आगे बढ़ा रही है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

इस मामले में हाटा कोतवाली में केस दर्ज किया गया था। ढाबा संचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है। जांच के लिए एसपी ने विशेष टीम लगायी है। दो नवंबर को कसया में जीएसटी की टीम से मारपीट के बाद एक व्यक्ति पकड़ा गया था। उस मामले में कसया थाने में केस दर्जकर उसे जेल भेज दिया गया। उसके पैरोकारों ने डीएम को बताया था कि वसूली के खेल का पूरा कारोबार सेठी ढाबे से चलता था। डीएम व एसपी के निर्देश पर हाटा कोतवाली में केस दर्ज किया गया। ढाबे पर छापेमारी कर संचालक समेत तीन धंधेबाजों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस को ढाबे से एक डायरी व संचालक की मोबाइल मिली, जिसमें वसूली की डिटेल दर्ज है। यह डायरी व मोबाइल एसपी द्वारा बनायी गयी विशेष जांच टीम ने कब्जे में ली है। डायरी में तमाम बसों व ट्रकों के नंबर के साथ वसूली की कुछ रकम दर्ज है। ढाबा संचालक वाहनों से वसूली कर टोकन देता था, जो इस बात की गारंटी होती थी कि जीएसटी व आरटीओ विभाग के कुछ भ्रष्ट लोगों के हिस्सा जमा हो चुका है। टोकन दिखाने पर वाहनों को आगे जाने दिया जाता था। बंगाल व बिहार से दो सौ से अधिक डबल डेकर बसें दिल्ली, राजस्थान व पंजाब आदि के लिए कुशीनगर से होकर जाती हैं। इनमें से अधिकतर के पास परमिट केवल विशेष पर्यटक पार्टियों या शादी विवाह आदि के आयोजन पर लंबी दूरी के लिए सवारी ढोने की ही होती है मगर यह बेधड़क रोजाना सवारियां भर कर आते जाते थे। माल ढोने वाले ट्रकों के लिए भी जीएसटी व आरटीओ की परमिट आदि की जरूरत होती है। गुड्स पर टैक्स व परिवहन विभाग का टैक्स चुराने वाले वाहन संचालक भी ढाबे पर रकम जमा कर जांच पड़ताल से मुक्ति पा जाते थे। मोबाइल में दर्ज कॉल रिकॉर्डिंग से फंसेगी कईयों की गर्दन ढाबा संचालक की मोबाइल में कई लोगों की कॉल रिकॉर्डिंग मिली है। कुछ की कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर दी गयी थी, जिसका डाटा पुलिस ने रिकवर किया गया है। इसके अनुसार यदि फोरलेन के टोल प्लाजा पर जीएसटी या आरटीओ विभाग की टीम हो तो ढाबा संचालक ट्रक व बस चालकों को ढाबे के बड़े अहाते में सुरक्षित शरण देता था। यहां वसूली की औपचारिकता पूरी करने के बाद जाने देता था। ढाबे के टोकन से ऐसे ट्रक व बस चालकों को जांच पड़ताल से मुक्ति मिल जाती है। सूत्रों को कहना है कि इसमें जीएसटी व आरटीओ विभाग के कई लोगों की कॉल रिकॉर्डिंग मिली है। एक-एक कर ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है। जीएसटी व आरटीओ विभाग के चालक निशाने पर डीएम व एसपी के निर्देश एक-एक कदम आगे बढ़ा रही जांच टीम ने अब तक की छानबीन के आधार पर वसूली के खेल में शामिल जीएसटी व आरटीओ विभाग के कुछ चालकों की पहचान कर ली है। उनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही इन सभी की गिरफ्तारी की जाएगी। दोनों विभागों से जुड़े कुछ अन्य लोग की भी जल्द ही पुलिस पहचान कर लेगी। पुलिस की विवेचना में देर सबेर सभी भ्रष्टाचारियों को शामिल कर उनके पहचान उजागर किए जाएंगे। इसी अनुसार उन पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। तीन महीने पहले वसूली के लिए ही खुला था सेठी ढाबा जांच टीम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सेठी ढाबा यहां चार महीने पहले ही खुला था। उसका लंबा चौड़ा अहाता देखकर सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि वसूली कर ऐसे वाहनों को शेल्टर देने के ही उद्देश्य से इसे खोला गया होगा। यहां एक साथ कई दर्जन ट्रक व बस खड़े हो सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि मेरठ का निवासी ढाबा संचालक फोरलेन पर लंबे समय से ढाबा चलाता था। इससे पहले उसने सहजनवा में ढाबा खोला था। संभावना जतायी जा रही है कि कुछ भ्रष्ट विभागीय अफसरों की शह पर ही उसने यहां वसूली का नया ठिकाना बनाया होगा। पुलिस ऐसे लोगों का भी पता लगा रही है। इस मामले में हाटा कोतवाली में केस दर्ज कराया गया था। विवेचना चल रही है। जांच के लिए विशेष गोपनीय टीम को भी लगाया गया है। विवेचना की मॉनीटरिंग एएसपी व सीओ के अलावा मैं खुद भी कर रहा हूं। डायरी व मोबाइल के डाटा के अनुसार जो भी दायरे में आएंगे सबकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार के किसी मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति जारी है। -केशव कुमार, एसपी कुशीनगर