
सौगात : 716 करोड़ की लागत से गंडक पर बनेगा पक्का पुल, वित्त समिति ने दी मंजूरी
Kushinagar News - कुशीनगर के खड्डा क्षेत्र में बड़ी गंडक नदी पर पक्का पुल निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। विधायक विवेकानंद पांडेय की पहल से 716 करोड़ की लागत से यह पुल बनेगा। इससे लगभग 20,000 रेतावासी बाढ़ के समय में सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे। निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।
कुशीनगर। खड्डा रेताक्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। खड्डा क्षेत्र के ग्राम भैंसहा स्थित बड़ी गंडक (नारायणी) नदी के तट पर पक्का पुल निर्माण का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो चुका है। साल के आखिरी दिन विधायक विवेकानंद पांडेय की पहल पर व्यय वित्त समिति द्वारा 716 करोड़ की लागत से बनने वाले इस पुल के निर्माण की स्वीकृति दे दी गई है। सब कुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द शासन द्वारा पुल निर्माण के लिए बजट आवंटित कर दिया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसकी जानकारी होते ही रेताक्षेत्र के लोग खुशी से चहक उठे।
आजादी के बाद से ही खड्डा रेता क्षेत्र के ग्राम मरिचहवा, हरिहरपुर, नारायनपुर, शिवपुर व महराजगंज जिले के सोहगीबरवा, बसही, भोथहा व शिकारपुर समेत आदि गांवों में रहने वाले तकरीबन 20 हजार से भी अधिक लोग बाढ़ आने के दौरान खानाबदोश की जिंदगी जीते आ रहे हैं। नदी उसपार बसे गांवों में जाने के लिए कोई सुगम रास्ता नहीं होने से रेतावासी बिहार के रास्ते 43 किमी की अधिक दूरी तय कर या जान जोखिम में डालकर नदी के रास्ते नाव से खड्डा तहसील मुख्यालय आते-जाते थे। रेतावासियों के इस दुश्वारियों को देखते हुए वर्ष 2019 में भैसहा घाट पर पीपापुल लगाया गया। इसका शुभारम्भ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया था। पीपा पुल का निर्माण होने के बाद रेतावासी महज 10 किमी की दूरी तय कर खड्डा आने-जाने लगे। लेकिन, नदी में पानी आने के बाद पीपा पुल बह जाने लगा तो लोगों की परेशानी कम होने की बजाय बढ़ने लगी। आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने ‘बोले कुशीनगर’ मुहिम में नौ अप्रैल को ‘पक्के पुल का इंतजार, जोखिम उठा करते हैं नदी पार’ के शीर्षक से खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। इस खबर को गंभीरता से लेते हुए खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर भैंसहा स्थित नारायणी नदी पर लगे पीपा पुल की जगह पक्का पुल निर्माण कराने की मांग की। विधायक ने सीएम से मुलाकात के दौरान बताया कि उत्तर प्रदेश के पूर्वोत्तर बिहार व नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र पर स्थित खड्डा विधानसभा का प्रवेश द्वार है। नारायणी की पवित्र जलधारा उत्तर प्रदेश व बिहार की सीमाओं का विभाजन करती है। रेताक्षेत्र में आज भी स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, सुदृढ़ मार्ग क्षेत्रों में पिछड़ा है। इसलिए भैंसहा घाट पर पीपा पुल की जगह पक्का पुल का निर्माण कराया जाना आवश्यक है। 29 मार्च, 2023 को खड्डा तहसील भवन का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने भैंसहा घाट पर सेतु बनाये जाने को लेकर मंच से घोषणा भी की थी। इसके एक साल बाद 3 अगस्त, 2024 को दूसरी बार खड्डा क्षेत्र के ग्राम तुर्कहा में आयोजित बाढ़ राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने मंच से भैंसहा में पीपा पुल की जगह पक्का पुल निर्माण की घोषणा की और कहा कि सांसद विजय कुमार दुबे व विधायक विवेकानंद पांडेय काफी दिनों से रेतावासियों की दुश्वारियों को देखते हुए नदी पर पक्का पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्थल का चयन कर उसका सर्वे करने का आदेश भी दिया। आदेश के बाद सेतु निगम देवरिया की टीम ने मौके का सर्वे कर लखनऊ मुख्यालय को रिपोर्ट भेज दिया। इसके बाद लखनऊ सेतु निगम यूनिट के जीएमडी मिथलेश कुमार, मुख्य अभियंता राकेश कुमार, अधिशासी अभियंता राजेश निगम, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी अविनाश मिश्रा, एसडीओ मनोरंजन कुमार, अवर अभियंता जयचंद के साथ खड्डा क्षेत्र के भैंसहा घाट पहुंचे, जहां विधायक विवेकानंद पांडेय की मौजूदगी में मानचित्र के आधार पर पक्का पुल निर्माण के लिए नाव से नदी उस पार व इस पार सर्वे किया। सर्वे के बाद साल के अंतिम दिन रेतावासियों को सौगात के रुप में पक्का पुल निर्माण के लिए 716 करोड़ रुपये की स्वीकृति व्यय वित्त समिति द्वारा दे दी गई है। सब कुछ ठीक रहा तो जनवरी महीने के पहले पखवारे में ही इसके निर्माण के लिए बजट आवंटित कर दी जाएगी।

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